मानस राष्ट्रीय उद्यान असम । Manas National Park Assam

मानस राष्ट्रीय उद्यान असम से संबंधित सभी जानकारी ।

All Information about Manas National Park Assam


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मानस राष्ट्रीय उद्यान भारत के असम राज्य में स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है जो राष्ट्रीय उद्यान के साथ-साथ भारत का एक महत्वपूर्ण वन्यजीव अभ्यारण्य है इस राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को द्वारा एक प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई है इसके साथ ही यह राष्ट्रीय उद्यान एक बाघ और हाथी आरक्षित  जीवमंडल क्षेत्र भी हैं। 

हिमालय की तलहटी क्षेत्र में स्थित यह मानस राष्ट्रीय उद्यान , भूटान के रॉयल मानस राष्ट्रीय उद्यान के निकट स्थित है । यह राष्ट्रीय अपने दुर्लभ और लुप्तप्राय वन्यजीवो के निवास के लिए जाना जाता है यह राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के लुप्तप्राय वन्यजीव और अनेको प्रकार के पक्षियों का घर है।

इस उद्यान में असम छत वाले कछुए , हेपीड खरगोश , गोल्डन लंगुर और पैगी हॉग पाए जाते है इसके अलावा मानस राष्ट्रीय उद्यान जंगली भैंसों की आबादी के लिए भी प्रसिद्ध है । 



मानस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना :- 

मानस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1990 में की गई थी इस राष्ट्रीय उद्यान का कुल क्षेत्रफल 950 वर्ग किलोमीटर है 1977 में प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत इस राष्ट्रीय उद्यान के 840 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को बाघ संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया।


मानस राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास :- 

भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान 1 अक्टूबर 1928 को इस राष्ट्रीय उद्यान के 360 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने से पहले यह एक आरक्षित वन क्षेत्र था जिसे मानस रिजर्व फॉरेस्ट और उत्तर कामरूप रिजर्व वन क्षेत्र के रूप में जाना जाता था उस समय बिहार का शाही परिवार इस संरक्षित क्षेत्र का प्रयोग शिकार के लिए करते थे इस वन क्षेत्र को 1928 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया इसके प्रश्चात 1955 में इस वन्यजीव अभयारण्य के क्षेत्र को 391 वर्ग किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया इसके बाद भारतीय बाघ संरक्षण अधिनियम 1972, के तहत वर्ष 1973 में मानस राष्ट्रीय उद्यान को भारतीय बायोस्फीयर रिजर्व घोषित किया गया
दिसंबर 1985 में यूनेस्को द्वारा इस राष्ट्रीय उद्यान को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई लेकिन 1990 में शुरू हुई बोडो विद्रोही गतिविधियों के कारण 1992 में इसे विश्व धरोहर स्थलों की सूची से हटा दिया गया लेकिन वर्ष 2011 में यूनेस्को द्वारा मानस राष्ट्रीय उद्यान को पुनः विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल कर लिया गया।
1990 में भारत सरकार के द्वारा मानस वन्यजीव अभयारण्य को राष्ट्रीय उद्यान के रूप में मान्यता दी गई 
और वर्तमान समय में यह राष्ट्रीय उद्यान 950 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।


मानस राष्ट्रीय उद्यान का नामकरण :- 

मानस राष्ट्रीय उद्यान का नाम मानस नदी के नाम पर रखा गया है जो इस राष्ट्रीय उद्यान के मध्य से होकर गुजरती है मानस नदी, ब्रह्मपुत्र नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है कहा जाता है कि इस नाम को सर्पों की देवी ' मां मनसा ' के नाम पर रखा गया है।


मानस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीव :- 

मानस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले लुप्तप्राय वन्यजीवों एवं कई लुप्तप्राय पक्षियों के कारण यह राष्ट्रीय उद्यान विश्वभर में प्रसिद्ध है।
इस राष्ट्रीय उद्यान में लगभग 60 स्तनधारियों की प्रजातियां , 42 सरीसृपों की प्रजातियां , 7 उभयचर और 500 पक्षियों की प्रजातियां निवास करती है जिनमें से कुछ लुप्तप्रायः प्रजातियां भी शामिल है रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय उद्यान पाए जाने वाले वन्यजीवो की 25 प्रजातियां वर्तमान में लुप्तप्राय हो चुकी है इन सभी प्रजातियों को वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक खतरा है इन लुप्तप्राय प्रजातियों में हाथी , बाघ , एक सींग वाला गैंडा , धूमिल तेंदुए , सुस्त भालू और अन्य प्रजातियां शामिल हैं ।
इस राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाने वाली जंगली भैंस की आबादी भारत में पाई जाने वाली जंगली भैंसों की एकमात्र शुद्ध नस्ल है इसके अलावा इस राष्ट्रीय उद्यान में खरगोश , एशियाई जल भैंस, बारहसिंगा, भारतीय तेंदुएं, एशियाई स्वर्ण बिल्ली, स्वर्ण लंगूर और सांभर हिरण के साथ - साथ लुप्तप्राय बंगाल फ्लोरिकन की प्रजातियां पाई जाती है ।


मानस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले पक्षी :- 

मानस राष्ट्रीय उद्यान को पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान माना जाता है इस राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों की लगभग 500 प्रजातियां निवास करती है इस राष्ट्रीय उद्यान में बंगाल फ्लोरीकन पक्षियों की सबसे बड़ी आबादी पाई जाती है इसके अलावा इस राष्ट्रीय उद्यान में ग्रे हॉर्नबिल्स, मर्गेन्सर्स, सर्प ईगल्स, हैरियर, जाइंट हॉर्नबिल्स, ब्राह्मणी डक, पाइड हॉर्नबिल्स, स्कार्लेट मिनिवेट्स आदि पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है।


मानस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वनस्पति :- 

मानस राष्ट्रीय उद्यान को विशेष प्रकार के वनस्पति के लिए भी जाना जाता है इस राष्ट्रीय उद्यान में 89 पेड़ों की प्रजातियां , 49 झाड़ियाँ जिनमें से 49 छोटी झाड़ियां , और 172 जड़ी - बूटियाँ की प्रजातियां पाई जाती है इसके साथ ही इस राष्ट्रीय उद्यान में ऑर्किड की 15 प्रजातियां , फर्न की 18 प्रजातियां और घास की 43 प्रजातियां भी उपस्थित है इस उद्यान में जंगली चावल की 400 किस्में पाई जाती है चावल की ये सभी किस्में खाद्य सुरक्षा हेतु जैव विविधता के मूल्यों का प्रबंधन भी करता है यह राष्ट्रीय उद्यान संपूर्ण विश्व की असमान वनस्पतियों की प्रजातियों की एक श्रृंखला का महत्वपूर्ण उदाहरण हैं । 


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