Sanjay Gandhi National Park । संजय गांधी नेशनल पार्क

Sanjay Gandhi National Park Mumbai ।

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, मुंबई

Sanjay Gandhi National Park borivali, Mumbai


संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना :-

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान महाराष्ट्र राज्य के सबसे बड़े नगर मुंबई के बोरीवली में स्थित है संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना सन् 1996 में की गई थी यह महाराष्ट्र राज्य के सबसे प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है।

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का कुल क्षेत्रफल 103.84 वर्ग किलोमीटर है। संजय गाँधी राष्ट्रीय उद्यान को बोरीवली राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना जाता है।


संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास :-


चौथी शताब्दी ईस्वी पूर्व से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र का एक लंबा इतिहास है प्राचीन भारत में सोपारा और कल्याण इस राष्ट्रीय क्षेत्र के दो प्रमुख बंदरगाह थे इन बंदरगाहों से ग्रीस और मेसोपोटामिया जैसे प्राचीन सभ्यताओं के लोग व्यापार किया करते थे।
इस राष्ट्रीय के केन्द्र में कन्हेरी गुफाएं हैं जिसका निर्माण बौद्ध भिक्षुओं द्वारा किया गया था 
1942 में बॉम्बे राष्ट्रीय उद्यान एक्ट के तहत तुलसी और विहार झीलो के जलग्रहण क्षेत्रों का अधिग्रहण किया गया और कृष्णगिरी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की गई उस समय इस राष्ट्रीय उद्यान का क्षेत्रफल लगभग 20 वर्ग किलोमीटर था सन् 1954 में डेयरी विकास बोर्ड ने इस राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के क्षेत्र में काम करना शुरू किया और सन् 1969 में राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के क्षेत्र के 2076 हेक्टेयर भूमि को वन विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया उस समय इस क्षेत्र को संरक्षित वन क्षेत्र के रूप में घोषित नहीं किया गया था लेकिन सन 1976 में इस राष्ट्रीय उद्यान के 68 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर बोरीवली राष्ट्रीय उद्यान के रूप में घोषित किया गया इसके बाद 1981 में इस राष्ट्रीय उद्यान को 82.25 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में विस्तारित कर दिया गया।

सन् 1996 में इस राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलकर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान कर दिया गया और इसी वर्ष ठाणे डिवीजन के कुछ जंगलो को इस राष्ट्रीय उद्यान में शामिल कर दिया गया इसके बाद इस राष्ट्रीय उद्यान का कुल क्षेत्रफल 103.84 वर्ग किलोमीटर हो गया।

 
 

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीव :-

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान अनेक प्रकार के दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों के जानवरों एवं क‌ई प्रकार के लुप्तप्राय वनस्पति के लिए के लिए एक आकर्षण का केंद्र है। इस राष्ट्रीय उद्यान में चित्तीदार हिरण , ब्लैक नेप्ड हेयर , बार्किंग डीयर , साही , पाम सिवेट , माउस डीयर , रिसस मेकाक , बोनेट मेकाक , लंगूर , भारतीय लोमड़ी और सांभर आदि वन्यजीव देखने को मिलते है । 

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के वन क्षेत्र में लगभग 1,000 से अधिक पौधों की प्रजातियां, 250 प्रवासी वन्यजीवों की प्रजातियां, 5000 पक्षियों की प्रजातियां, 40 स्तनधारियों की प्रजातियां, 9 उभयचरों की प्रजातियां, 150 तितलियों की प्रजातियां और मछलियों की क‌ई हजार प्रजातियां पाई जाती है।

इस राष्ट्रीय उद्यान में 38 प्रकार के सरीसृपों की प्रजातियाँ पा‌ई जाती है जिसमें से इस राष्ट्रीय उद्यान में कोबरा , रसेल वाइपर , बैम्बू पिट वाइपर और सिलोनी कैट साँप जैसे क‌ई जहरीले सांंप पाए जाते है इसके साथ ही इस राष्ट्रीय उद्यान में क‌ई प्रकार के पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है इसके अतिरिक्त इस राष्ट्रीय उद्यान के तुलसी झील में घड़ियाल ( मगरमच्छ ) और पाइथन भी देखने को मिलते हैं । 

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वनस्पति :-

यह राष्ट्रीय उद्यान जानवरों के साथ-साथ कुछ विशेष प्रकार की वनस्पतियों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र है इस राष्ट्रीय उद्यान में अनेक प्रकार के लुप्तप्राय वनस्पतियों की प्रजातियां पाई जाती है इस राष्ट्रीय उद्यान में करीब 1000 से अधिक वनस्पतियों एवं पौधों की प्रजातियां पाई जाती है इस राष्ट्रीय उद्यान में कदंब, सागौन , बबूल और यूफोरबिएसि संघ के कुछ विशेष प्रकार के वृक्ष पाए जाते हैं इसके अलावा इस राष्ट्रीय उद्यान में कुछ विशेष प्रकार के फूल पाए जाते हैं जिसमें से कदंब, सागौन, यूफोरबिया लाल रेशमी कपास के फूल और कर्वी फूल शामिल है। 

कर्वी एक विशेष प्रकार का फूल है जो आठ वर्षो मैं केवल एक बार खिलता है यह फूल इस राष्ट्रीय उद्यान में बहुतायत मात्रा में पाया जाता है।


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