भारत के सभी 40 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की सूची । UNESCO World Heritage Sites In India in Hindi 2022

हेलो दोस्तों आपका हमारे ब्लॉक में स्वागत है आज हम इस लेख में भारत के सभी 40 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की सूची ( UNESCO World Heritage Sites in India In hindi ) से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तारपूर्वक उपलब्ध करवाने वाले है इसके साथ ही इस लेख में भारत के सभी 40 विश्व धरोहर स्थलों की सूची उपलब्ध करवा रहे हैं यदि आप भी भारत के सभी विश्व विरासत स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें ।

UNESCO world heritage sites in India in Hindi 2022

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भारत के सभी 40 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की सूची । UNESCO World Heritage Sites In India in Hindi 2022

विश्व धरोहर स्थल क्या है ?

एक ऐसा विशेष क्षेत्र या स्थान जिसकी कुछ महत्वपूर्ण विशेषताओं के कारण उस स्थान का चयन विश्व विरासत स्थल समिति के द्वारा किया जाता है विश्व विरासत स्थल या विश्व धरोहर स्थल कहां जाता है तथा इन सभी स्थानों की देखरेख यूनेस्को के द्वारा किया जाता है यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल घोषित करने का मुख्य उद्देश्य ऐसे स्थलों का चयन और संरक्षण करना है जो वैश्विक संस्कृति की दृष्टि से मानवता के लिए महत्त्वपूर्ण है ।

विश्व विरासत स्थल या विश्व धरोहर स्थल का महत्व

कोई भी स्थल जो मानवता के विकास एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है तथा जिसका सांस्कृतिक और भौतिक महत्त्व है उसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी जाती है यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों का काफी महत्व है । किसी व्यक्ति का अपनी धरोहर से जाने – अनजाने उसी प्रकार का संबंध होता है जैसे संबंध एक बच्चे का अपनी माँ से होता है। ये धरोहर हम मानवजाति का गौरव हैं और ये सभी धरोहर स्थल हमारे इतिहास-बोध को मज़बूत करते हैं ये धरोहर स्थल हमारी कला और संस्कृति की समृद्धि को दर्शाते है ।

इतना ही नहीं ये विरासत स्थल हमें विज्ञान , संस्कृति और तकनीक से भी रूबरू कराते हैं ये विरासत स्थल हम मानवजाति तथा प्रकृति के मध्य जटिल सबंधों को दर्शाता हैं और मानव सभ्यता की विकास की समृद्ध गाथा को भी दर्शाता है ।

भारत के सभी 40 विश्व धरोहर स्थलों की सूची ( List of All 40 UNESCO World Heritage Sites In India in Hindi 2022 )

क्र.विश्व धरोहर स्थलसंबंधित राज्य/क्षेत्रघोषित वर्ष
1.आगरा का किलाउत्तर प्रदेश1983
2.ताजमहलउत्तर प्रदेश1983
3.अजंता की गुफाएंमहाराष्ट्र1983
4.एलोरा की गुफाएंमहाराष्ट्र1983
5.कोणार्क सूर्य मंदिरउड़ीसा1984
6.महाबलीपुरम के स्मारकतमिलनाडु1984
7.काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यानअसम1985
8.मानस राष्ट्रीय उद्यानअसम1985
9.केवलादेव राष्ट्रीय उद्यानराजस्थान1985
10.हम्पी के स्मारक समूहकर्नाटक1986
11.खजुराहो के स्मारक समूहमध्यप्रदेश1986
12.फतेहपुर सीकरीउत्तर प्रदेश1986
13.गोवा के गिरिजाघर एवं कॉन्वेंटगोवा1986
14.एलीफेंटा की गुफाएंमहाराष्ट्र1987
15.सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यानपश्चिम बंगाल1987
16.पट्टादकल के स्मारक समूह कर्नाटक1987
17.चोल मंदिरतमिलनाडु1987, 2004
18.नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यानउत्तराखंड1988, 2005
19.सॉंची के बौद्ध स्तूप मध्यप्रदेश1989
20.हुमायूं का मकबरादिल्ली1993
21.कुतुबमीनार एवं उसके स्मारकदिल्ली1993
22.भारतीय पर्वतीय रेलवे, दार्जिलिंगविभिन्न भारतीय राज्य1999, 2005, 2008
23.बोधगया का महाबोधि मंदिरबिहार2002
24.भीमबेटका की गुफाएंमध्यप्रदेश2003
25.छत्रपति शिवाजी टर्मिनसमहाराष्ट्र2004
26.चंपानेर – पावागढ़ पुरातत्व उद्यानगुजरात2004
27.लाल किलादिल्ली 2007
28.जंतर – मंतर, जयपुरराजस्थान2010
29.पश्चिमी घाटमहाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल2012
30.राजस्थान के पहाड़ी दुर्गराजस्थान 2013
31.ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यानहिमालय प्रदेश2014
32.रानी की वावगुजरात2014
33.नालंदा विश्वविद्यालयबिहार2016
34.कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यानसिक्किम2016
35.ली. कार्बुजिए के वास्तुशिल्पचंडीगढ़2016
36.अहमदाबाद के एतेहासिक शहरगुजरात2017
37.मुंबई के विक्टोरियन ओर आर्ट डेको एनसेंबल महाराष्ट्र2018
38.गुलाबी शहर जयपुरराजस्थान2019
39.रामप्पा मंदिरतेलंगाना2021
40.धोलावीरागुजरात2021

भारत के सभी 40 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों का विस्तारपूर्वक वर्णन ( Detailed about all 40 UNESCO World Heritage Sites in India in Hindi )

1. आगरा का किला

उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा शहर में स्थित आगरा का किला भारत के सबसे प्रमुख किले एवं प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में से एक है कहा जाता है कि इस किले का निर्माण सिकरवार वंश के शासकों ने करवाया था 1080 ई. में मोहम्मद गजनवी ने इस किले पर कब्जा किया इसके प्रश्चात दिल्ली सल्तनत के प्रथम शासक मोहम्मद सिकंदर लोदी ने इस किले पर अपना आधिपत्य स्थापित किया उसने सन् 1504 ई. में इस किले का मरम्मत भी करवाया ।

सन् 1517 ई. में सिकंदर लोदी की मृत्यु हो गरीब जिसके बाद उसके पुत्र इब्राहिम लोदी ने इस किले पर अपना अधिकार किया लेकिन सन् 1526 में बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच पानीपत का प्रथम युद्ध हुआ जिसमें इब्राहिम लोदी मारा गया जिसके प्रश्चात मुगलों ने इस किले पर अपना कब्जा कर लिया मुगलों के प्राय सभी शासकों ने इसी किले से अपना शासन व्यवस्था चलाया मुगल साम्राज्य के प्रसिद्ध शासक शाहजहां ने इस किले को वर्तमान रूप दिया ।

सन् 1983 में आगरा के इस किले को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल की सूची में शामिल किया गया और वर्तमान में आगरा का किला पूरे विश्व में प्रसिद्ध है ।

2. ताजमहल ( Taj Mahal )

ताजमहल भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा शहर में यमुना नदी के दक्षिण किनारे में स्थित है यहां महल मुगल वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है इस महल का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में करवाया था ताजमहल के निर्माण की वास्तु शैली फारसी, तुर्की, इस्लामी और भारतीय वास्तुकला का सम्मिलित उदाहरण है ताजमहल की भव्यता और सुंदरता के कारण दुनिया के सात अजूबों में से एक माना जाता हैइसकी भव्यता को संरक्षित करने के उद्देश्य से यूनेस्को द्वारा सन् 1983 में ताजमहल को विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया ।

3. अजंता की गुफाएं

अजंता की गुफाएं भारत के महाराष्ट्र राज्य के औरंऊ जिले के अजंता नामक गांव के निकट स्थित बौद्ध स्मारक गुफाएं हैं इस गुफा का निर्माण द्वितीय शताब्दी ई. पूर्व में 29 को काटकर गया था यह गुफा बौद्ध धर्म की शिल्पकारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है इस गुफा में बौद्ध धर्म के धार्मिक मान्यताओं एवं संस्कृतिओ का जीवंत चित्रण किया गया है इस गुफा में की गई सिर्फ कारी भारतीय ऐतिहासिक वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है यह गुफा घने जंगलों से घिरा हुआ है तथा ऊपर से देखने पर इस गुफा का क्षेत्र घोड़े की नाल के आकार का दिखाई देता है ।

4. एलोरा की गुफाएं

एलोरा की गुफाएं महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित एक भारतीय पुरातात्विक स्थल है इन गुफाओं का निर्माण राष्ट्रकुट वंश के शासकों ने करवाया था एलोरा की गुफाएं भारतीय पाषाण शिल्प स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है यहां कुल 34 गुफाएं हैं जिसमें से 12 बौद्ध गुफाएं 17 हिंदू गुफाएं और 5 जैन गुफाएं मौजूद है इन्हीं गुफाओं में प्रसिद्ध एलोरा का कैलाशनाथ मंदिर स्थित है ये सभी 34 गुफाएं लगभग 2 किलोमीटर के क्षेत्र क्षेत्र में फैला हुआ है ।

महाराष्ट्र के एलोरा में स्थित ये गुफाएं भारत की शिल्प कला का अद्वितीय जीवंत प्रदर्शन है जो हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म को समर्पित है इस गुफा की अद्वितीय शिल्पकला, सुंदरता और भव्यता को देखते हुए सन् 1983 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया ।

5. कोणार्क सूर्य मंदिर, उड़ीसा

कोणार्क सूर्य मंदिर भारत के उड़ीसा राज्य के कोर्णाक शहर में स्थित है यह सूर्य मंदिर भारत के प्रसिद्ध सूर्य मंदिरों में से एक है एक है इतिहास की माने तो इस मंदिर का निर्माण राजा नरसिंह देव ने करवाया था इस मंदिर का निर्माण लाल रंग के बलुआ पत्थरों में एवं ग्रेनाइट पत्थरों से किया गया है यह मंदिर कलिंग शैली का एक प्रसिद्ध उदाहरण है यह मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है जिसके कारण इस मंदिर को यूनेस्को द्वारा सन् 1984 में विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया था ।

6. महाबलीपुरम के स्मारक समूह

भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित महाबलीपुरम के स्मारक समूह भारत के दक्षिण पूर्व मैं स्थित पल्लव सभ्यता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है इस संपूर्ण स्मारक समूह को पत्थरों को काटकर एवं तराशकर बनाया गया था इस स्मारक समूह का निर्माण सातवीं से आठवीं शताब्दी में पल्लव वंश के शासकों द्वारा करवाया गया था इस स्मारक समूह में कुछ हिंदू मंदिर एवं 40 प्राचीन‌ स्मारक है इसी स्मारक समूह में महाबलीपुरम का मंदिर भी शामिल है इसकी अद्वितीय बनावट और प्राचीन महत्ता के कारण 1984 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व विरासत स्थल की सूची में शामिल किया गया ।

7. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान आंशिक रूप से असम राज्य के गोलाघाट और नागांव जिले में स्थित असम राज्य का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान एवं भारत का एक प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है ।

नदी और दक्षिण में कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों को मिलाकर यह राष्ट्रीय उद्यान लगभग 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना सन् 1904 में ब्रिटिश शासन केेे दौरान ब्रिटिश सरकार द्वारा की गई थी ।

भारत के असम राज्य में स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है दुनिया में एक सींग वाले गैंडे की सबसे अधिक आबादी ऐसी राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाती है जिसके कारण यूनेस्को द्वारा सन् 1984 में इस राष्ट्रीय उद्यान को वैश्विक महत्व का स्थल घोषित किया गया ।

8. मानस राष्ट्रीय उद्यान

भारत के असम राज्य में स्थित मानस राष्ट्रीय उद्यान भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव अभ्यारण्य है इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1990 में की गई थी यह राष्ट्रीय उद्यान वन्य जीव अभ्यारण्य के साथ-साथ बाघ एवं हाथी आरक्षित क्षेत्र भी है इस राष्ट्रीय उद्यान में कई लुप्तप्राय प्रजातियों के वन्य जीव और पक्षियां भी पाई जाती है जिसके कारण इस राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को द्वारा सन् 1984 में विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया।

9. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान भारत के राजस्थान राज्य के भरतपुर जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान और पक्षी अभयारण्य है यह राष्ट्रीय उद्यान विश्व के प्रसिद्ध पक्षी अभ्यारण में से एक है जिसके कारण इस राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को द्वारा सन् 1985 मे विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया है इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1982 में की गई थी तथा यह राष्ट्रीय उद्यान लगभग 29 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है प्रतिवर्ष कई लाख पर्यटक एवं पक्षी प्रेमी इस राष्ट्रीय उद्यान की सैर करने के लिए आते हैं ।

10. हम्पी के स्मारक समूह

भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित हम्पी के स्मारक समूह विजयनगर साम्राज्य की लुप्त सभ्यता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जो विजयनगर साम्राज्य के सबसे प्रसिद्ध शासक राजा कृष्णदेव राय के शासनकाल के समय चरमोत्कर्ष पर थी यहां स्थित मंदिरो और महलों का निर्माण विजयनगर साम्राज्य के शासकों द्वारा ही करवाया गया था वर्तमान समय में हम्पी के ये शानदार स्मारकीय अवशेष और खंडहर विश्व के अनूठे खंडहरों और एतेहासिक स्थलों में से एक है हम्पी के स्मारक समूह की शानदार एवं अनोखी बनावट के कारण इसे यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल भी घोषित किया गया ।

11. खजुराहो के स्मारक समूह

खजुराहो के स्मारक समूह भारत के मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले में स्थित है यह स्मारक समूह जैन धर्म और हिंदू धर्म के स्मारकों का समूह है खजुराहो के इन स्मारकों के अधिकांश मंदिरों का निर्माण चंदेल शासकों द्वारा किया गया था ऐतिहासिक विवरण के अनुसार खजुराहो के स्मारक समूह में कुल 85 मंदिर है जिसका निर्माण 12 वीं शताब्दी में किया गया था लेकिन वर्तमान समय में इनमें से केवल 25 मंदिर ही बचे हैं इन मंदिरों की स्थापना नागरा वास्तुकला के अंतर्गत की गई थी मंदिरों की अधिकांश मूर्तियां कामुक कला की है स्थापित मंदिरों में कंदरिया महादेव का मंदिर भारतीय कला एवं हिंदू धर्म की अभिव्यक्ति को दर्शाता है ।

12. फतेहपुर सीकरी – उत्तर प्रदेश

फतेहपुर सीकरी भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है यह एक नगर है जिसे मुगल सम्राट अकबर ने बसाया 75071 से 1585 तक यह मुग़ल नगर मुगल साम्राज्य की राजधानी रही कहा जाता है कि जहां मुगल वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है फतेहपुर सीकरी मस्जिद हिंदू और पारसी वास्तुकला का एक सम्मिलित उदाहरण है फतेहपुर सीकरी में मौजूद स्मारकों में आंख मिचौली, दीवान-ए-खास, बुलंद दरवाजा, शाही मसजिद पंच महल, ख्‍वाबगाह, जौधा बाई का महल, अनूप तालाब प्रमुख है स्मारकों में की गई कारीगरी देखने लायक है इन स्मारकों की प्राचीनता एवं सुंदरता का संरक्षण करने के लिए यूनेस्को द्वारा फतेहपुर सीकरी को विश्व विरासत स्थल भी घोषित किया गया ।

13. गोवा के गिरिजाघर व कॉन्वेंट

दक्षिणी भारतीय राज्‍य, गोवा की राजधानी पणजी में स्थित गिरजाघर और कॉन्‍वेंट संपूर्ण विश्व में प्रसिद्ध हैं गोवा के गिरजाघर का निर्माण 16वीं शताब्दी में किया गया था गोवा के गिरजाघर पुर्तगाली गोथिक शैली में किया गया था जिसकी भव्यता आज भी देखने लायक है ।

मुख्य रूप से यहां चर्च ऑफ बॉम्‍ब जीसस, जिसमें सेंट फ्रेंसिस ज़ेवियर और सेंट कैथेड्रल के मकबरे हैं यहां स्थित चर्च ऑफ़ सेंट फ्रांसिस आसिसी पूरी तरह से सेंट फ्रांसिस को समर्पित है गिरजाघरों में लकड़ी पर उकेरी गई कष्ट कला देखने लायक है जो विश्व भर में प्रसिद्ध है।

14. एलीफेंटा की गुफाएं

एलिफेंटा की गुफाएं अथवा घारापुरी की गुफाएं भारत के महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर से 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित है यह गुफाएं अपनी कलात्मकता के कारण प्रसिद्ध है इन गुफाओं का निर्माण पाचवी और सातवीं शताब्दी में किया गया था यहां कुल 7 गुफाएं हैं जिसमें से 5 गुटों में हिंदू जबकि दो गुफाओं में बौद्ध धर्म का साक्ष्य मिलता है धर्म के देवी-देवताओं की मूर्तियां है ।

इन सभी गुफाओं गुफाओं में मुख्य गुफा में 26 स्तंभ है इन स्तंभों में भगवान शिव को कई रूपों में उकेरा गया है इस गुफा में भगवान शिव की नो बड़ी-बड़ी मूर्तियां है इसके अलावा इस गुफा में हिंदू देवी – देवताओं के अनेक मंदिर और मूर्तियां हैं गुफाओं में पहाड़ों को काटकर की गई कारीगरी दक्षिण भारतीय मूर्तिकला का उत्कृष्ट उदाहरण है ।

सन 1987 में एलीफेंटा की गुफाओं को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था ।

15. सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान बायोस्फीयर रिजर्व और बाघ अभयारण्य है यह राष्ट्रीय उद्यान गंगा नदी के सुंदरवन डेल्टा में स्थित है यह राष्ट्रीय उद्यान विश्व में बंगाल बाघ के सबसे बड़े भंडारों में से एक है यहां 400 से ज्यादा बंगाल बाघ पाए जाते हैं बाघों के अलावा यह राष्ट्रीय उद्यान पक्षियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1984 में की गई थी यह राष्ट्रीय उद्यान में मैंग्रोव वनों से घिरा हुआ है जो सुंदरवन डेल्टा का हिस्सा है ।

16. पट्टदकल के स्मारक समूह – कर्नाटक

पट्टदकल का स्मारक समूह भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित है यह स्मारक समूह 7वीं – 8वीं शताब्दी के मध्य में बनाया गया था पट्टदकल मध्य भारत में चालुक्य वंश की राजधानी थी इस स्मारक समूह में मौजूद मंदिरों का निर्माण चालू का वंश के शासकों ने करवाया था इन स्मारक समूह में मौजूद मंदिरों का प्रारंभिक निर्माण नागर शैली में किया गया था लेकिन इस मंदिर के अधिकांश द्रविड़ शैली के साक्ष्य मिलते हैं ।

इस स्मारक समूह में कुल 10 मंदिर है जिसमें से 9 हिंदू मंदिर तथा एक जैन मंदिर है जिसमें से 5 मंदिरों का निर्माण द्रविड़ शैली में किया गया है तथा 4 मंदिर का निर्माण नागर शैली में किया गया है तो एक मंदिर मिश्रित शैली का उदाहरण है इस स्मारक समूह में मौजूद मूर्तियां रामायण और महाभारत किस कृतियों को दर्शाता है पट्टदकल के स्मारक समूह को वर्ष 1987 में विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया था ।

17. महान चोल मंदिर – तमिलनाडु

दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित महान चोल मंदिर का निर्माण शासकों के द्वारा किया गया था यह मंदिर तमिल सभ्यता के विचारधारा अनोखा साक्ष्य है 11वीं और 12वीं शताब्दी में चोल शासकों द्वारा 3 प्रसिद्ध मंदिर बनाया गया तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर, गंगाईकोंडचोलिसवरम के मंदिर, और दरासुरम में ऐरावतेश्वर मंदिर ।

चोल शासकों द्वारा बनाए गए इन मंदिरों को चोल मंदिर कहा जाता है सन् 1987 में यूनेस्को द्वारा तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर को विश्व विरासत स्थलों की सूची में शामिल किया गया जिसके पश्चात वर्ष 2004 में गंगाईकोंडचोलिसवरम के मंदिर, और दरासुरम के ऐरावतेश्वर मंदिर को इसी सूची में जोड़ दिया गया दक्षिण भारत के गीत तीन चोल मंदिर द्रविड़ शैली की रचनात्मक उत्कृष्टता का प्रतिनिधित्व करते हैं ।

18. नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान

नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान भारत के उत्तराखंड राज्य नंदा देवी पर्वत माला के समीप स्थित भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है इसे वर्ष 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था इसी के समीप फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान स्थित है नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान को संयुक्त रूप से नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व कहा जाता है सन् 1988 में इसके संयुक्त क्षेत्र को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया ।

19. सांची के बौद्ध स्तूप

यह स्तूप मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची नगर में स्थित है सांची के स्तूप पूर्णतः बौद्ध धर्म को समर्पित है यहां कई बौद्ध स्मारक है इन बौद्ध स्मारकों का निर्माण तीसरी शताब्दी ई. पूर्व से 12वीं शताब्दी के मध्य किया गया था सांची के महान मुख्य स्तूप का निर्माण सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ई. पूर्व में करवाया था बाद में अग्निमित्र शुंग ने इस स्तूप का पुनः जीर्णोद्धार करवाया तथा इसे और बड़ा और विशाल बनाया ।

इस स्तूप में भगवान महात्मा बुद्ध के कुछ अवशेष रखे हैं सांची का यह बौद्ध स्तूप देश के सबसे संरक्षित क्षेत्रों में से एक है इस स्तूप को संरक्षित करने के उद्देश्य से वर्ष 1989 में इसे यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया ।

20. हुमायूं का मकबरा

हुमायूं का मकबरा नई दिल्ली के पुराने किले के निकट मथुरा मार्ग के समीप स्थित है यह मकबरा भारत में स्थित मुगल वास्तुकला का प्रसिद्ध उदाहरण है इस मकबरे का निर्माण मुगल सम्राट हुमायूं की मृत्यु के बाद उनकी विधवा पत्नी हमीदा बानो बेगम के आदेश से सन् 1562 में बनाया गया था इस मकबरे का निर्माण कार्य सन् 1572 में संपन्न हुआ इसमें मकबरे में मुगल सम्राट हुमायूं का कब्र भी है इसके अलावा इस मकबरे में मुगल साम्राज्य के क‌ई राजसी लोगों के भी कब्रे मौजूद है यह भारत का सर्वप्रथम मकबरा था जिसके निर्माण में बड़े पैमाने पर लाल बलुआ पत्थरों का उपयोग किया गया ।

इस मकबरे का निर्माण चारबाग शैली में किया गया था इस शैली में निर्मित यह भारत का प्रथम  मकबरा था यूनेस्को द्वारा वर्ष 1993 में इसे विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया।

21. कुतुबमीनार एवं उसके स्मारक

कुतुब मीनार और उसके स्मारक परिसर दिल्ली के लाल कोट में स्थित है इसका निर्माण कार्य कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा सन् 1192 में शुरू किया गया था लेकिन इसके बाद भी इस स्मारक का कई बार जीर्णोद्धार हुआ सन् 1211 से 1236 में इल्तुतमिश ने , 1296 से 1316 के मध्य अलाउद्दीन खिलजी ने इस स्मारक समूह का पुनः निर्माण करवाया और इसे बड़ा बनाया ।

लेकिन वर्ष 1326 और 1368 में बिजली गिरने के कारण यह इमारत काफी क्षतिग्रस्त हुआ लेकिन फिरोज़ शाह तुगलक द्वारा इस इमारत का मरम्मत करवाया गया जिसके पश्चात सन् 1503 सिकंदर लोदी ने इस इमारत के ऊपर के मंजिलों का जीर्णोद्धार करवाया ।

दिल्ली में स्थित यह स्मारक समूह भारत के प्रसिद्ध स्मारको में से एक है वर्तमान में यह भारत के प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में से एक है यूनेस्को द्वारा वर्ष 1993 में विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया ।

22. भारतीय पर्वतीय रेलवे

यूनेस्को द्वारा देश के विभिन्न राज्यों के पर्वतीय इलाकों में स्थित भारत की तीन प्रमुख पर्वतीय रेलवे दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, कालका-शिमला रेलवे और नीलगिरि पर्वतीय रेलवे को विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया गया है ।

1. भारतीय पर्वतीय रेलवे दार्जिलिंग – भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की स्थापना ब्रिटिश सरकार द्वारा किया गया था वर्तमान समय में यह हिमालयन रेलवे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग के बीच संचालित है । इस हिमालयन रेलवे को “Toy Train” के नाम से भी जाना जाता है पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित इस पर्वतीय रेलवे को वर्ष 1999 में यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल की सूची में शामिल किया गया था ।

2. नीलगिरी माउंटेन रेलवे – तमिलनाडु के नीलगिरी पहाड़ियों पर स्थित यह रेलवे एक सिंगल रेलवे ट्रैक है जिसे वर्ष 2005 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया गया था ।

3. कालका शिमला रेलवे – कालका शिमला रेलवे भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित है भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित इस पर्वतीय रेलवे की स्थापना सन् 1903 में की गई थी यह रेलवे हिमाचल प्रदेश के कालका और शिमला पहाड़ियों के बीच चलती है इस पर्वतीय रेलवे को वर्ष 2008 में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया ।

23. बोधगया का महाबोधि मंदिर

बोधगया का महाबोधि मंदिर भारत के विश्व धरोहर स्थलों में से एक है महाबोधि मंदिर भारत के बिहार राज्य के बोधगया में स्थित है यह मंदिर बौद्ध धर्म के संस्थापक महात्मा बुद्ध को समर्पित है यह मंदिर उसी स्थान पर स्थित है जहां महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी इस मंदिर में महात्मा बुद्ध की एक बड़ी प्रतिमा स्थापित है यह मूर्ति उसी स्थान पर स्थापित है जिस स्थान पर महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था ।

24. भीमबेटका की गुफाएं  

यह स्थान भारत के मध्य प्रदेश राज्य के रायसेन जिले स्थित है जो पुरापाषाण काल का एक पुरास्थल है यह स्थल आदि मानव द्वारा बनाए गए शैलाचित्रों के लिए प्रसिद्ध है जो भारतीय उपमहाद्वीप में मानव जीवन का प्राचीनतम साक्ष्य है इस स्थल की खोज सन् 1957-58 में डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के द्वारा की गई थी इस स्थान पर कई पूरा अवशेष मिले हैं जो भारत की प्राचीनता का साक्ष्य है भीमबेटका के इस क्षेत्र को अगस्त 1990 में भारत के पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग द्वारा राष्ट्रीय महत्व का स्थल घोषित किया गया जिसके पश्चात वर्ष 2003 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया ।

25. छत्रपति शिवाजी टर्मिनस

छत्रपति शिवाजी टर्मिनल भारत के महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर का ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन है यह रेलवे स्टेशन भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है इसके पहले इस रेलवे स्टेशन को विक्टोरिया टर्मिनस कहा जाता था स्टेशन की इमारत का निर्माण विक्टोरियन गोथिक शैली में किया गया था यह इमारत विक्टोरियन गोथिक शैली और परंपरागत भारतीय शैली का संगम दर्शाता है यह स्टेशन उन्नत संरचना, तकनीकी विशेषता एवं भारतीय स्थापत्य कला के सौंदर्य को दर्शाता है 2 जुलाई 2004 को इस स्टेशन को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया ।

26. चंपानेर – पावागढ़ पुरातत्व उद्यान

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल चंपानेर – पावागढ़ पुरातत्व उद्यान भारत के गुजरात राज्य के पंचमहल जिले में स्थित एक पुरातात्विक उद्यान है यहां स्थित पावागढ़ किले का निर्माण 15वीं शताब्दी में चौहान राजपूतों के द्वारा किया गया था इस पुरातत्व उद्यान में कई स्मारक स्थित है इस उद्यान में वृहद स्तर पर भारतीय पुरातात्विक, ऐतिहासिक और जीवंत संस्कृतिक धरोहर स्थित है जिसके कारण यूनेस्को द्वारा वर्ष 2004 में इस उद्यान को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया ।

27. लाल किला – न‌ई दिल्ली

लाल किला भारत की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों में से एक इस किले का निर्माण 1648 मुगलों के द्वारा किया गया था इस किले के निर्माण में लाल बलुआ पत्थरों का प्रयोग किया गया है इस किले की दिवारी लाल होने के कारण इसे लाल किला कहा जाता है या किला मुगल शासकों का राजनीतिक एवं औपचारिक केंद्र था जो मुगलकालीन वास्तुकला और सौंदर्य का उत्कृष्ट उदाहरण है ।

दिल्ली में स्थित यह किला भारत की आजादी और आन – बान तथा शान का प्रतीक है इस किले की भव्यता और सुंदरता को देखने के लिए दुनिया के कोने-कोने से लोग यहां आते हैं इस किले को दिल्ली में स्थित इस ऐतिहासिक किले को वर्ष 2007 में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया ।

28. जंतर-मंतर – जयपुर

राजस्थान के जयपुर शहर में स्थित जंतर – मंतर एक खगोलीय वेधशाला और UNESCO विश्व धरोहर स्थल है जिसका निर्माण महाराजा जयसिंह द्वितीय ने सन् 1724 ईसवी में करवाया था महाराणा जयसिंह द्वितीय ने ऐसी खगोलीय वैधशाला का निर्माण जयपुर के अलावा चार और जगहों दिल्ली, वाराणसी, मथुरा और उज्जैन में भी करवाया था यह सभी पांचों जंतर मंतर अर्थात खगोलीय वेधशाला ग्रहों की स्थिति और चाल को बताते हैं दरअसल महाराजा जयसिंह द्वितीय द्वारा इन जंतर-मंतर का निर्माण हिंदू और मुस्लिम खगोलशास्त्रियों के बीच छिड़ी बहस को खत्म करने के लिए किया गया था ।

29. पश्चिमी घाट

अरब सागर के तट पर स्थित जैव विविधता से भरपूर पहाड़ों को पश्चिमी घाट कहा जाता है जिनमें अनेकों पहाड़ शामिल हैं जो भारत के विभिन्न राज्यों में स्थित है  इन पहाड़ों में पश्चिमी घाट के लगभग 39 पहाड़ों एवं स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल 39 पहाड़ियों में 20 केरल में , 10 कर्नाटक में, 5 तमिलनाडु में और 4 महाराष्ट्र में स्थित हैं पश्चिमी घाट की पहाड़ियों में अन्नामलाई की पहाड़ियां, पेरियार की पहाड़ियां, नीलगिरी की पहाड़ियां, कुदरेमुख की पहाड़ियां, तलाकावेरी की पहाड़ियां, सहयात्री की पहाड़ियां आदि यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल है ।

30. राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग

वैसे तो राजस्थान में कई किले / दुर्ग है जिसमें से राजस्थान के सिर्फ 6 पहाड़ी दुर्ग को ही वर्ष 2013 यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है ये 6 पहाड़ी दुर्ग है –

  1. चित्तौड़गढ़ दुर्ग, चित्तौड़गढ़
  2. कुम्भलगढ़ दुर्ग, कुम्भलगढ़
  3. रणथंबोर दुर्ग, सवाई माधोपुर
  4. आमेर दुर्ग, जयपुर
  5. जैसलमेर दुर्ग, जैसलमेर
  6. गागरोन दुर्ग, झालावाड़

 

31. ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान

ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थितभारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और विश्व विरासत स्थल है इसे वर्ष 1999 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था यह राष्ट्रीय उद्यान अपने जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है क्योंकि इस राष्ट्रीय उद्यान में 800 प्रकार के पौधे, लगभग 25 प्रकार के वन और 185 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है इस राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 2014 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया ।

32. रानी की वाव

रानी की वाव गुजरात राज्य के पाटण में स्थित एक प्रसिद्ध बावड़ी अर्थात सीढ़ीदार कुऑं है इस बावड़ी का निर्माण सन् 1063 में सोलंकी शासक भीमदेव प्रथम की पत्नी रानी उदयामती ने राजा भीमदेव प्रथम की याद करवाया था यह 20 मिनट यह वाव 20 मीटर चौड़ा 64 मीटर लंबा और 27 मीटर गहरा है यह वाव सोलंकी शासनकालीन वास्तु कला का सुप्रसिद्ध उदाहरण है क्योंकि यह भारत का एक अनोखा वाव है 22 जून 2014 को इस बावड़ी को यूनेस्को विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया ।

33. नालंदा विश्वविद्यालय – बिहार

नालंदा विश्वविद्यालय भारत के बिहार राज्य के राजगीर स्थित है यह विश्वविद्यालय प्राचीन भारत में उच्च शिक्षा का सर्वाधिक विख्यात केंद्र था जिसका निर्माण महान गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम ने करवाया था यह एक बौद्ध विश्वविद्यालय था जिसमें बौद्ध धर्म के भग्नावशेष मिले हैं लेकिन इस विश्वविद्यालय में बौद्ध धर्म के साथ ही दूसरे अनेक धर्मों के छात्र भी पढ़ते थे इस विश्वविद्यालय की खोज अलेक्जेंडर कनिंघम के द्वारा किया गया तथा इसे वर्ष 2016 में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया ।

34. कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान – सिक्किम

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान भारत के सिक्किम राज्य में स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्य है इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1977 में की गई थी इस राष्ट्रीय उद्यान का संपूर्ण क्षेत्रफल 1784 वर्ग किलोमीटर है जो सिक्किम राज्य के कुल क्षेत्रफल का 25.14 है इस राष्ट्रीय उद्यान में हिम तेंदुए, काले भालू, कस्तूरी मृग, जंगली गधा और लाल पांडा निवास करते हैं वर्ष 2016 में इस राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया ।

35. ली. कार्बुजिए के वास्तुशिल्प

चंडीगढ़ में स्थित ली कार्बुजिए के वास्तुशिल्प कार्य को आधुनिक आंदोलन के लिए उत्कृष्ट योगदान के हिस्से के रूप में वर्ष 2016 में UNESCO ने इसे विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी सात अलग-अलग देशों के 17 स्थलों में ली कार्बुजिए के रचनात्मक एवं वास्तुशिल्प कार्य मौजूद है यूनेस्को ने इन सभी स्थलों को विश्व धरोहर स्थलों के रूप में मान्यता दी है ।

36. अहमदाबाद के ऐतिहासिक शहर

अहमदाबाद के ऐतिहासिक शहर जिसे पुराना अहमदाबाद भी कहा जाता है यह शहर अहमदाबाद का ही एक हिस्सा है जो भारत के गुजरात राज्य में स्थित है इस शहर की स्थापना की 11 वीं सदी में राजा आशा भील के द्वारा आशावल नाम से की गई थी तब से यह गुजरात सल्तनत का महत्वपूर्ण राजनैतिक और वाणिज्य केंद्र बना रहा वर्तमान समय में भी यह ऐतिहासिक शहर आधुनिक अहमदाबाद शहर का हृदय है इसे वर्ष 2017 में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया ।

37. मुंबई के विक्टोरियन और आर्ट डेको एनसेंबल 

भारत के महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर के फोर्ट इलाके में स्थित विक्टोरियन और आर्ट डेको एनसेंबल का निर्माण 19वीं सदी में विक्टोरियन नियो गोथिक शैली में किया गया था जो विक्टोरियन नियो गोथिक सार्वजनिक भवनों एवं आर्ट डेको भवनो का संग्रह है जिसे वर्ष 2018 में यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया गया ।

38. गुलाबी शहर जयपुर

जयपुर भारत के राजस्थान राज्य का सबसे बड़ा शहर है इस नगर की स्थापना महाराजा जयसिंह द्वितीय के द्वारा की गई थी यह शहर अपनी समृद्ध भवन निर्माण-परंपरा, सरस, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए भारत के साथ-साथ संपूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है इस शहर में महलों और पुराने घरों में लगे गुलाबी धौलपुरी पत्थरों के कारण इस शहर को भारत का पिंक सिटी या गुलाबी शहर कहा जाता है इस शहर को जुलाई 2019 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया ।

39. रामप्पा मंदिर – तेलंगाना

रामप्पा मंदिर या रुद्रेश्वर मंदिर भारत दक्षिण भारत के तेलंगाना राज्य के मुलुंड जिले के पालमपेट गॉंव में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है इस मंदिर में स्थित शिलालेख के अनुसार इस मंदिर का निर्माण सन् 1213 ईसवी में का काकतीय साम्राज्य उ शासक गणपति देव के सेनापति रेचारला रुद्रदेव ने करवाया था यूनेस्को ने वर्ष 2021 में इस मंदिर को अपनी विश्व धरोहर स्थलों की सूची में जोड़ा ।

40. धोलावीरा

धोलावीरा गुजरात राज्य किस जिले में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रसिद्ध पुरास्थल एवं विश्व धरोहर स्थल है यह स्थल अब तक ज्ञात सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में से एक है यहां सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित कई अवशेष और स्थल पाये गये है ।

भारत के सभी 40 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न ( FAQ Related to World Heritage Sites In India in Hindi 2022 )

1.भारत में वर्तमान 2022 में कुल कितने विश्व विरासत / विश्व धरोहर स्थल है ?

उत्तर :- भारत में वर्तमान 2022 में कुल 40 विश्व धरोहर स्थल है वर्ष 2021 में गुजरात राज्य में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता के प्रसिद्ध स्थल धोलावीरा को भारत का 40 वां विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया ।

2. भारत का पहला विश्व धरोहर स्थल कौन सा है ?

उत्तर :- भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित आगरा किला भारत का पहला विश्व धरोहर स्थल है इसे वर्ष 1983 में भारत के पहले विश्व विरासत स्थल के रूप में शामिल किया गया।

3. भारत में सबसे ज्यादा विश्व विरासत स्थल कहां स्थित है ?

उत्तर :- भारत में सबसे ज्यादा विश्व विरासत स्थल महाराष्ट्र में स्थित है महाराष्ट्र में कुल 5 विश्व विरासत स्थल है ये पांच विश्व विरासत स्थल है –

  1. अजंता की गुफाएं
  2. एलोरा की गुफाएं
  3. एलिफेंटा की गुफाएं
  4. मुंबई के विक्टोरियन एंसेंबल
  5. छत्रपति शिवाजी टर्मिनस

4. भारत का एकमात्र मिश्रित धरोहर स्थल कौन सा है ?

उत्तर :- भारत के सिक्किम राज्य में स्थित कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान भारत का एकमात्र मिश्रित धरोहर स्थल है इस राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 2016 में विश्व विरासत स्थलों की सूची में शामिल किया गया था। 

5. विश्व में सर्वाधिक यूनेस्को विश्व विरासत/विश्व धरोहर स्थल देश में है ?

उत्तर :- विश्व में सर्वाधिक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल इटली में स्थित है इटली में कुल 55 विश्व यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।

6. विश्व विरासत दिवस /विश्व धरोहर दिवस प्रत्येक वर्ष किस दिन मनाया जाता है ?

उत्तर :- 18 अप्रैल को

7. भारत का कौन सा राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल है ?

उत्तर :- सिक्किम राज्य में स्थित कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल है इसे वर्ष 2016 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था ।

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