हेमिस राष्ट्रीय उद्यान से संबंधित सभी जानकारी। All Information about Hemis National Park Jammu and Kashmir

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान से संबंधित सभी जानकारी।

All Information about Hemis National Park Jammu and Kashmir

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना :- 

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में सिंधु नदी के तट पर स्थित है यह राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है जो उत्तर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है हेमिस राष्ट्रीय उद्यान भारत में सबसे ऊंचाई पर स्थित राष्ट्रीय उद्यान है जो समुद्रतल से 3300 से 6000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1981 में रूबक और मार्चा कैचमेट क्षेत्र को संरक्षित करके की गई थी तथा वर्तमान समय में यह राष्ट्रीय उद्यान 4400 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है  हेमिस राष्ट्रीय उद्यान को ‘ हेमिस हाई अल्टीट्यूड राष्ट्रीय उद्यान ( Hemis High Altitude National Park ) ‘ के रूप में भी जाना जाता है।

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान , नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा संरक्षित क्षेत्र है हेमिस राष्ट्रीय उद्यान दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान । यह राष्ट्रीय उद्यान हिम तेंदुए सहित क‌ई लुप्तप्राय स्तनधारियों की प्रजातियों का घर है
सिंधु नदी के उत्तर किनारे स्थित इस राष्ट्रीय उद्यान में मरखा , सुमदाह और रुंबक , और ज़ांस्कर रेंज के हिस्से शामिल हैं ।


हेमिस राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास :-

4 फरवरी 1981 को जम्मू कश्मीर के लेह के रूंबक और मार्खा के जलग्रहण क्षेत्रों के लगभग 600 वर्ग किलोमीटर ( 230 वर्ग मील ) के क्षेत्र को हेमिस राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया इसके बाद 1988 में इस राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के क्षेत्रों को शामिल करके हेमिस राष्ट्रीय उद्यान को 3,350 वर्ग ( 1,290 वर्ग मील ) तक बढ़ा दिया गया।  1990 में फिर से इस राष्ट्रीय उद्यान के क्षेत्र को बढ़ाकर 4,400 वर्ग किलोमीटर ( 1,700 वर्ग मील ) कर दिया गया वर्तमान समय में यह भारत के साथ – साथ दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है । यह राष्ट्रीय उद्यान काराकोरम – पश्चिम तिब्बती पठार अल्पाइन स्टेप ईको क्षेत्र के भीतर स्थित है।

इस राष्ट्रीय उद्यान का नाम हेमिस के प्रसिद्ध बौद्ध मठ , हेमिस मठ के नाम पर रखा गया है। भारत सरकार द्वारा इस राष्ट्रीय उद्यान को भारत का दूसरा सबसे बड़ा समीपस्थ संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है जिसका नाम देश में नंदा देवी वायोस्फियर रिजर्व के बाद लिया जाता है ।

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीव :-

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान बड़ी संख्या में दुर्लभ प्रजातियों का निवास स्थान है यह राष्ट्रीय उद्यान कई प्रकार के लुप्तप्राय स्तनधारियों की प्रजातियों सहित हिम तेंदुए का भी निवास स्थान है ।

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान 200 हिम तेंदुओं का घर है इसके साथ ही इस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीवो में लाल भेड़िया , हिरण, पल्लस की बिल्ली , डबेक्स , तिब्बती अगाली ( ग्रेट तिब्बती भेड़ ) , भारल ( ब्लू शीप ) , शापू ( लद्दाखी उरियल ) तिब्बती वुल्फ , यूरेशियन ब्राउन बियर और रेड फॉक्स शामिल है। इसके अलावा , हिमालयन नोट , माउंटेन वेसल और हिमालयन माउस सहित इस राष्ट्रीय उद्यान में स्तनधारियों की 30 प्रजातियां पाई जाती है इस राष्ट्रीय उद्यान में भारल और यूरियाल की आबादी सबसे अधिक है । 
इसके अतिरिक्त यह राष्ट्रीय उद्यान क‌ई प्रकार के दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों के पक्षियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है इस राष्ट्रीय उद्यान में गोल्डन ईगल , लैमरजियर गिद्ध और हिमालयन ग्रिफन गिद्ध जैसे पक्षी भी देखने को मिलते हैं।

 

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वनस्पति :-

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाने वाली वनस्पति के कारण यह राष्ट्रीय उद्यान एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है इस क्षेत्र में कम वर्षा के कारण यहां शुष्क हिमालयी उपोष्णकटिबंधीय देवदार के जंगल , पश्चिमी हिमालयी अल्पाइन झाड़ी, घास के मैदान पाए जाते है इसके साथ ही यह उद्यान जुनिपर , सन्टी , देवदार , अल्पाइन चास के मैदान और स्क्रबलैंड के दुर्लभ सूखे जंगलों के लिए भी जाना जाता है ।

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान में पा‌ई जाने वाली वनस्पतियो में हिमालयन सोकोक, टेट्रोंगेलस हेलायसिस और चकोर पार्टरिज सबसे अधिक प्रचलित है इस राष्ट्रीय उद्यान के प्रसिद्ध वनस्पतियों में विरल घास के मैदान , शाकाहारी वनस्पतियां , मिरिकारिया , पोपलर , सैलिक्स , एस्ट्रैगलस , टासकम , लेओझेपोडियम , एफेडा और कई विरल प्रकार के घास शामिल हैं । 

इसके अतिरिक्त इस राष्ट्रीय उद्यान में मुख्य रूप से अल्पाइन और स्टेप के वृक्ष पाए जाते हैं । चूंकि इस क्षेत्र में ऊपरी पर्वत ढलान नम है इसलिए यहां अल्पाइन वनस्पति की विशेषता है जिनमें एनामान , जेंटियाना , यैलक्ट्रन , लॉयडिया , वेरोनिका , डेल्फिनम , केरेक्स और कोलेसिया शामिल हैं । 
इस क्षेत्र में की गई वनस्पति सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार इस राष्ट्रीय उद्यान में 15 दुर्लभ और लुप्तप्राय औषधीय पौधों की प्रजातियां पाई जाती है इन औषधीय पौधों में एकथोलिमन लाइकोपोडियोइस , अनंबिया यूचोमा , आर्टिमिसिया मेरिटिमा , बगॅनिया स्ट्रेची , एफेड्रा गेरार्डियाना , फेरुलाजेशेकना , ह्योसयमस और नाइगर शामिल हैं । 


हेमिस राष्ट्रीय उद्यान की प्रसिद्धि के कारण :- 

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले हिम तेंदुओं के कारण यह राष्ट्रीय उद्यान दुनिया भर में प्रसिद्ध है कहा जाता है कि इस राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीवों की जनगणना की गई थी इस जनगणना के अनुसार यह राष्ट्रीय उद्यान  200 हिम तेंदुए का निवास स्थान है जो दुनिया के किसी भी संरक्षित क्षेत्र में सबसे अधिक घनत्व का है ।

इन्हें भी देखें :-

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