नीति आयोग । NITI Aayog – Gyan Ganga

नीति आयोग । NITI Aayog


नीति आयोग से जुड़ी कुछ महत्त्वपूर्ण जानकारी :-

स्थापना :- 1 जनवरी 2015 

पूर्ववर्ती नाम :- योजना आयोग 

मुख्यालय :- नई दिल्ली 

अध्यक्ष :- प्रधानमंत्री 

उपाध्यक्ष :- राजीव कुमार 

मुख्य कार्यकारी अधिकारी :- अमिताभ कांत

नीति आयोग ( NITI Aayog) का पूरा नाम :-

हिन्दी – राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्था

अंग्रेजी – National institute for Transforming India

नीति आयोग की पृष्ठभूमि :- 

15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली जब भारत आजाद हुआ तो भारत के सामने कई प्रकार की चुनौतियां सामने आए इसमें से पहली चुनौती यह थी कि देश में किस प्रकार का राजनीतिक सिद्धांत अपनाया जाए दूसरी चुनौती यह थी कि किस प्रकार की आर्थिक व्यवस्था देश में अपनाई जाए इन सभी चुनौतियों में एक चुनौती यह भी थी कि देश में किस प्रकार की शासन व्यवस्था अपनाई जाए शासन व्यवस्था को अपनाने के लिए भारत के पास तीन रास्ते थे, पहला कि देश में तानाशाही शासन अपनाया जाए जिसमें संपूर्ण राष्ट्र का नियंत्रण केवल एक व्यक्ति के हाथ में और दूसरा रास्ता यह था कि हम अमेरिका के जैसा राष्ट्रपति शासन अपनाएं और शासन व्यवस्था को तीसरा रास्ता यह था कि भारत ब्रिटेन की तरह संसदीय व्यवस्था को अपनाएं  उस समय भारत के संविधान सभा ने ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था को चुना और देश में संसदीय व्यवस्था की नीति लागू की गई
उस समय भारत के सामने एक चुनौती यह थी कि देश की आर्थिक नियोजन को आगे कैसे बढ़ाए उस समय भारत के सामने दो रास्ते थे या तो वह सोवियत संघ की तरह समाजवादी आर्थिक व्यवस्था को अपनाएं जिसमें पूरा नियंत्रण सरकार के पास होता है दूसरा रास्ता या तो भारत पश्चिमी देशों की तरह बाजार नियंत्रण अर्थव्यवस्था को अपनाए जिस आर्थिक व्यवस्था का संपूर्ण नियंत्रण बाजार के पास होता है
भारत सरकार ने आर्थिक व्यवस्था के लिए सोवियत संघ की तरह समाजवादी आर्थिक व्यवस्था को अपनाया जिसमें योजनाएं बनाकर काम किया जाता था उस समय सरकार ने देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए देश में पंचवर्षीय योजना को अपनाया गया जिसके लिए योजना आयोग का गठन किया गया लेकिन 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग का पुनर्गठन कर इसे नीति आयोग में परिवर्तित कर दिया गया।

नीति आयोग का परिचय :- 

1 जनवरी 2015 को भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल के आदेश से नीति आयोग की स्थापना की गई चुकी नीति आयोग का गठन केंद्रीय मंत्रिमंडल के आदेश द्वारा किया गया था इसलिए इस आयोग को केंद्र सरकार का कार्यकारी निकाय, गैर वैधानिक, गैर संवैधानिक और सलाहकारी निकाह कहा जाता है।

चूंकि इस आयोग का गठन संसद के किसी अधिनियम के अंतर्गत नहीं किया गया था इसलिए इसे गैर वैधानिक और गैर संवैधानिक कहा जाता है।
नीति आयोग का सरकार का थिंकटैंक कहा जाता है
थिंक टैंक का मतलब यह है कि इस आयोग में भारत के सभी मुख्यमंत्रियों व राज्यपालों को शामिल किया जाएगा इसके अलावा आर्थिक और सामाजिक विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया जाएगा यह सरकार के लिए एक थिंक टैंक का काम करेगा जो सरकारों को यह बताएगी कि राष्ट्रीय विकास को हम कैसे आगे बढ़ाएंगे
दूसरी बात की नीति आयोग जो भी सलाह देती हो वह बाध्यकारी नहीं होता है क्योंकि यह एक सलाहकार  
 
जो केवल सलाह देने का काम करती है इस आयोग की सलाह अत्यंत महत्वपूर्ण होती है इसलिए सरकार द्वारा इस आयोग की अधिकांश सलाह मान ली जाती है। इस आयोग का कार्य केंद्र व राज्यों को सहकारी संघवाद के आधार पर दीर्घकालिक नीति निर्माण हेतु सलाह देना है

नीति आयोग की संरचना :-

नीति आयोग में एक अध्यक्ष होता और इस आयोग का अध्यक्ष हमेशा भारत का प्रधानमंत्री होगा नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष होते हैं इसका अर्थ यह है कि जो भी व्यक्ति भारत का प्रधानमंत्री बनेगा वह अपने आप ही नीति आयोग का अध्यक्ष बन जाएगा अध्यक्ष के अलावा इस आयोग में एक शासी परिषद होता है जिसमें भारत राज्यों के मुख्यमंत्री एवं उपराज्यपाल शामिल होते हैं।

इसके अतिरिक्त इस आयोग में एक क्षेत्रीय परिषद होता है जो दो या दो से अधिक राज्यों से निर्मित होते हैं इसका अध्यक्ष या तो भारत का प्रधानमंत्री होता है या प्रधानमंत्री के द्वारा नामित व्यक्ति।

नीति आयोग के पूर्णकालिक सांगठनिक ढांचा :- 

उपाध्यक्ष – नीति आयोग के उपाध्यक्ष को प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त किया जाता है नीति आयोग के उपाध्यक्ष को हमेशा कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाता है इसके वर्तमान उपाध्यक्ष राजीव कुमार है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी – नीति आयोग में एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी होता है जिसे एक निश्चित कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त किया जाता है।

इसके अतिरिक्त इसमें आवश्यकता के अनुसार एक सचिवालय होता है

नीति आयोग के सदस्य – 

पूर्णकालिक सदस्य – इसमें 4 पूर्णकालिक सदस्य होता है जो राज्य मंत्री के पद के समकक्ष होता है

पदेन सदस्य – इसमें 4 पदेन सदस्य होते है ये सभी सदस्य प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री होते है।

अंशकालिक सदस्य – नीति आयोग में 2 अंशकालिक सदस्य होते हैं यह सदस्य अग्रणी विश्वविद्यालय या शोध संस्थानों के पदेन सदस्य होते है।

नीति आयोग के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य :- नीति आयोग में कुछ विशिष्ट आमंत्रित सदस्य होते हैं प्रधानमंत्री द्वारा एक बेहतर रूपरेखा तैयार करने के लिए कुछ विशेष क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाता है।

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