भारतीय रिजर्व बैंक के कार्य और शक्तियां । Reserve Bank of India history

भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना , इतिहास, कार्य , उद्देश्य और शक्तियां। Reserve Bank of India history

भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना व इतिहास :- 

भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत की गई थी। भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना में डॉ भीमराव अम्बेडकर ने अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी सन् 1925 में हिल्टन रंग आयोग के समक्ष डॉ भीमराव अम्बेडकर ने केंद्रीय बैंकिंग प्राधिकरण की रूपरेखा कार्यशैली तथा दिशा – निर्देशों को प्रस्तुत किया डॉ भीमराव अम्बेडकर का कहना था कि सरकार द्वारा जारी की गई मुद्रा में मौद्रिक कुप्रबंधन के खतरे, निजी बैंक की तुलना में कहीं अधिक हैं उनका कहना था कि सरकार कृत्रिम रूप से प्रचलन में धन को बढ़ावा दे सकती है । 

प्रथम विश्व युद्ध के फलस्वरूप उपजी हुई आर्थिक परेशानियों से निपटने और देश में बैंकिंग सुविधाएं शुरू करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने हिल्टन यंग आयोग की सिफारिशों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना की गई थी भारतीय रिजर्व बैंक के गठन के दौरान अम्बेडकर द्वारा लिखी गई किताब ‘ भारतीय रुपया की समस्या व्यापक रूप से काफी प्रचलन में आई । 

भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना के समय इसके मूल शेयर की पूंजी मात्र पाँच करोड़ थी , जिन्हें 100 रु . के पाँच लाख शेयरों में विभाजित किया गया था इन सभी शेयरों का स्वामित्व पूर्ण रूप से निजी शेयरधारकों को कर दिया गया । लेकिन 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी के बाद , भारत सरकार ने सुनियोजित आर्थिक विकास की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया जिसके लिए सरकार ने देश के लिए एक केन्द्रीय बैंक के गठन करने का निर्णय लिया इसलिए 1 जनवरी 1949 को भारत सरकार द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किया गया और इस बैंक को भारत के एकमात्र केंद्रीय बैंक के रूप में मान्यता दी गई सरकार ने सभी निजी व्यक्तियों के शेयरों को 118.10 रुपए प्रत्येक शेयर की दर से खरीद लिया इसके बाद से भारतीय रिजर्व बैंक का संपूर्ण स्वामित्व भारत सरकार के पास है।


भारतीय रिजर्व बैंक का मुख्यालय :-

भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना के समय इसका केन्द्रीय कार्यालय यानि मुख्यालय कलकत्ता में स्थापित किया गया था लेकिन सन् 1937 में ब्रिटिश उपनिवेशवाद द्वारा इसके कार्यालय को स्थायी रूप से बम्बई में स्थानान्तरित कर दिया गया और वर्तमान समय में मुंबई में ही भारतीय रिजर्व बैंक का मुख्यालय/केंद्रीय कार्यालय स्थित है ‌।

केन्द्रीय कार्यालय वह कार्यालय है जहाँ सभी गवर्नर बैठते हैं और नीतियाँ निर्धारित की जाती हैं। 

भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान गवर्नर :- 

भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान गवर्नर श्री शक्तिकांत दास हैं जिन्होंने 12 दिसंबर 2018 को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर का पदभार ग्रहण किया श्री शक्तिकांत दास रिजर्व बैंक के 25 वें गर्वनर है इनसे पूर्व डाॅ. उर्जित पटेल भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर थे।


भारतीय रिजर्व बैंक के अब तक के सभी गवर्नर की सूची

क्र. सं.

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर

कार्यकाल

कार्य‌ अवधि

1.

सर ओसबोर्न स्मिथ

1 अप्रैल, 1935 से 30 जून, 1937

821 दिन

2.

सर जेम्स ब्रैड टेलर

1 जुलाई, 1937 से 17 फरवरी, 1943

2057 दिन

3.

श्री सी. डी. देशमुख

11 अगस्त, 1943 से 30 जून, 1949

2150 दिन

4.

श्री बेनेगल रामाराव 

1 जुलाई, 1949 से 14 जनवरी, 1957

2754 दिन

5.

श्री के.जी. आंबेगांवकर

14 जनवरी , 1957 से 28 फरवरी, 1957

45 दिन

6.

श्री एच.वी.आर. अय्यंगर

1 मार्च, 1957 से 28 फरवरी, 1962

1825 दिन

7.

श्री पीसी भट्टाचार्य

1 मार्च, 1962 से 30 जून, 1967

1947 दिन

8.

श्री लक्ष्मीकांत झा 

1 जुलाई, 1967 से 3 मई, 1970

1037 दिन

9.

बी.एन. अदारकर 

4 म‌ई, 1970 से 15 जून, 1970

42 दिन

10.

श्री एस. जगन्नाथन

16 जून, 1970 से 19 मई , 1975

1798 दिन

11.

श्री एन. सी. सेनगुप्ता

19 मई, 1975 से 19 अगस्त, 1975

92 दिन

12.

श्री के. आर. पुरी

20 अगस्त, 1975 से 2 मई, 1977

621 दिन

13.

श्री एम. नरसिम्हन

3 मई, 1977 से 30 नवंबर, 1977

211 दिन

14.

डॉ. आई.जी. पटेल

1 दिसंबर, 1977 से 15 सितंबर, 1982

1749 दिन

15.

डॉ. मनमोहन सिंह

16 सितंबर, 1982 से 14 जनवरी, 1985

851 दिन

16.

श्री अमिताभ घोष

15 जनवरी, 1985 से 4 सितंबर, 1985

20 दिन

17.

श्री आर.एन. मल्होत्रा 

4 फरवरी, 1985 से 22 दिसंबर, 1990

2147 दिन

18.

श्री एस. वेंकटरमण

22 दिसंबर, 1990 से 21 दिसंबर, 1992

730 दिन

19.

डॉ. सी. रंगराजन

22 दिसंबर, 1992 से 21 नवंबर, 1997

1795 दिन

20.

डॉ. विमल जालान

22 नवंबर, 1997 से 6 सितंबर, 2003

2114 दिन 

21.

डॉ. वाई. वी. रेड्डी

6 सितंबर, 2003 से 5 सितंबर, 2008

1826 दिन

22.

डॉ. डी. सुब्बाराव

5 सितंबर, 2008 से 4 सितंबर, 2013

1825 दिन

23.

डॉ. रघुराम जी. राजन

4 सितंबर, 2013 से 4 सितंबर, 2016

1096 दिन

24.

डॉ. उर्जित पटेल

4 सितंबर, 2016 से 10 दिसंबर, 2018

828 दिन

25.

श्री शक्तिकांत दास

12 दिसंबर, 2018 से कार्यरत

कार्यरत

भारतीय रिजर्व बैंक के कार्य 

1. करेंसी नोट जारी करना :- 

भारतीय रिजर्व बैंक की धारा 22 के तहत भारतीय रिजर्व बैंक के पास सभी तरह के मुद्रा नोट जारी करने का एकाधिकार है । केन्द्रीय बैंक के एक अधिनियम के  अनुसार यह एक रुपये के नोट तथा सिक्कों को छोड़कर सभी मूल्यवर्ग के नोट और सिक्के भारतीय रिजर्व बैंक जारी करता है । 

भारतीय रिजर्व बैंक के पास नोट जारी करने के लिए जारीकर्ता विभाग तथा सामान्य कार्यों के लिए बैंकिंग विभाग मौजूद है । वर्तमान समय में , भारतीय रिजर्व बैंक 5,10,20,50,100,500 , तथा 2000 मूल्यवर्ग के नोटों को जारी करता है जबकि जनता के लिए 1रु, 2रु ,5रु और 10 रुपये के सिक्के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता हैं परन्तु इसका संपूर्ण वितरण भारतीय रिजर्व बैंक के जारीकर्ता विभाग द्वारा किया जाता है । 

2. केन्द्र तथा राज्य सरकारों के लिए बैंकर के रूप में कार्य :- 

सरकार के एक बैंकर , एजेंट और सलाहकार के रूप में , भारतीय रिजर्व बैंक भारतीय संघ की केन्द्रीय तथा राजकीय वित्तीय और बैंकिंग योजनाओं का संचालन करता है । यह सरकारी खातों में जमा पूंजी की देखरेख तथा संचालन करता है । केंद्रीय बैंक के रूप में वित्तीय सहायता के लिए भारतीय रिजर्व बैंक केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों को लघु अवधि के लिए ऋण देता है । भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम के अनुसार केंद्र सरकार रिजर्व बैंक से किसी भी सीमा तक का ऋण ले सकता है लेकिन राज्य सरकारें स्वीकृत सीमा तक ही ऋण ले सकता है । संक्षिप्त रूप से भारतीय रिजर्व बैंक केन्द्र तथा राज्य सरकारों की शेष नकदी की देखरेख तथा संचालन करता है , बैंकिग तथा वित्तीय संचालन पर सरकार को सलाह देता है , सरकार की प्रतिभुतियों को बाजार में खरीदता और बेचता है । 


भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना का उद्देश्य :-

भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 के तहत 1 अप्रैल 1935 कुछ प्रमुख उद्देश्यों को पूर्ति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना की गई भारतीय रिजर्व बैंक के कुछ प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित है –

• सरकार के बैंकर के रूप में कार्य करना अर्थात सरकार की भुगतान प्रणाली को सुनिश्चित करना तथा विदेशी विनिमय के लेन – देन के लिए सरकार को सलाह देना।

• भारतीय मुद्रा की आंतरिक व बाहरी मूल्य में स्थिरता लाना तथा देश में मुद्रा तथा साख को बाजार मांग के अनुरूप बनाये रखना तथा उन्हें नियंत्रित करना । 

• सभी सरकारी तथा निजी बैकों से नगद कोष प्राप्त करके एक दृढ़ केन्द्रीय कोष का निर्माण करना जिससे बाजार में मुद्रा की कमी न हो तथा देश में बैकिंग संकट को रोका जा सके। 

• सभी सरकारी तथा निजी बैंकों के उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखना तथा उपभोक्ताओं के शिकायतों एवं विवादों को समाधान करना।

• कृषि क्षेत्र में विस्तार और किसानों के विकास के लिए कृषि साख संबंधी उपाय करना तथा किसानों की प्रत्यक्ष सहायता की व्यवस्था करना इसके साथ ही अगर  आवश्यकता हो तो कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार को सलाह देना । 

• विदेशों में मौद्रिक संबंध स्थापित करना ।


भारतीय रिजर्व बैंक का पुराना नाम ( RBI Old Name ) :-

अनेक वेबसाइट पर भारतीय रिजर्व बैंक का पुराना नाम ” The Imperial Bank Of India ” बताया गया है लेकिन आपको बता दें कि यह बिल्कुल ग़लत है क्योकि  भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना के समय से ही इसे इसी के वर्तमान नाम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता है अतः भारतीय रिजर्व बैंक का पुराना नाम भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि की ” भारतीय स्टेट बैंक ( State Bank of India ) ” का पुराना नाम ” The Imperial Bank Of India ” था लेकिन सन् 1955 में इसके नाम को बदलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रख दिया गया।


भारतीय रिजर्व बैंक की शक्तियां ( Power Of RBI ) :-

बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत भारतीय रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किया गया तथा इसे कुछ विशेष शक्तियां दी गई जो निम्नलिखित है – 

• इस अधिनियम के तहत धारा 10 BB के द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक को पूर्णकालिक आधार पर नियुक्त निदेशक मंडल के अध्यक्ष या किसी भी बैंकिंग संस्था के प्रबंध निदेशक की नियुक्ति करने की शक्ति प्रदान की गई।

• धारा 21 के तहत भारतीय रिजर्व बैंक को बैंकिंग कंपनियों के अग्रिमों को नियंत्रित करने की शक्ति प्रदान की गई।

• धारा 22 के तहत भारतीय रिजर्व बैंक को किसी भी बैंकिंग कंपनियों के लिए लाइसेंस जारी का अधिकार दिया गया सभी बैंकिंग कंपनियों को भारतीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है भारतीय रिजर्व बैंक किसी भी बैंकिंग कंपनी को प्रवेश की प्रक्रिया पूरे होने के बाद ही लाइसेंस जारी करता है।

• धारा 27 के तहत भारतीय रिजर्व बैंक को मासिक रिटर्न और अन्य रिटर्न और जानकारी के लिए कॉल करने की शक्ति: प्रदान की गई इसके तहत भारतीय रिजर्व बैंक किसी भी समय किसी भी बैंकिंग कंपनी को उनके व्यवसाय या मामलों से संबंधित विवरणों की जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दे सकता है इस अधिनियम के प्रयोजनों के तहत भारतीय रिजर्व बैंक प्रत्येक 6 महीने में किसी भी बैंकिंग कंपनी के निवेश और उद्योग के संबंध के बारे में उससे जानकारी मांग सकता है।

• धारा 28A के तहत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा एकत्रित किसी भी जानकारी को प्रकाशित करने की शक्ति प्रदान की गई।


FAQ Related to RBI ( भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित कुछ पूछे जाने वाले प्रश्न )

1. भारतीय रिजर्व बैंक के संस्थापक कौन थे ?

भारतीय रिजर्व बैंक का कोई एक संस्थापक नहीं थी इसकी स्थापना ब्रिटिश सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 के तहत हिल्टन रंग आयोग की सिफारिश के आधार पर हुआ था इसलिए भारतीय रिजर्व बैंक का संस्थापक ब्रिटिश सरकार को माना जाता है।

2. भारतीय रिजर्व बैंक का पुराना नाम क्या है ?

बहुत सारी वेबसाइटों में भारतीय रिजर्व बैंक का पुराना नाम The Imperial Bank of India कहा जाता है लेकिन हम आपको आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक का कोई भी पुराना नाम नहीं है क्योकि 1935 में भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना इसी नाम से की गई थी।

3. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर कौन है 2022 ?

श्री शक्ति कांत दास भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान गवर्नर है इन्होंने 12 दिसंबर 2018 को भारतीय रिजर्व बैंक के 25 वें गवर्नर के रूप में पदभार ग्रहण किया और वर्तमान समय में भी भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद पर कार्यरत है।


4. भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 क्या है ?

भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 एक बैंक अधिनियम था जिसको मुख्य रूप से भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना करने के लिए लाया गया था और इसी अधिनियम के तहत 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना हुई।

5. भारतीय रिजर्व बैंक के पहले गवर्नर कौन थे ?

सर ओसबोर्न स्मिथ भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान गवर्नर थे इन्होंने 1 अप्रैल 1935 से 30 जून 1937 तक भारतीय रिजर्व बैंक के प्रथम गवर्नर के रूप में कार्य किया।

हमें उम्मीद है कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा हमने इस आर्टिकल में आपको भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाया है लेकिन यदि फिर भी आपके मन में भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल है तो आप अपने सवाल हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं हम आपको आपके सवालो के जवाब देने की कोशिश करेंगे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। 

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