सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान पश्चिम बंगाल । Sundarban National Park West Bengal

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान का स्थापना , इतिहास एवं सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान से संबंधित सभी जानकारी । 

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सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना :-

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान , बाघ अभयारण्य , और बायोस्फीयर रिज़र्व है सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान पश्चिम बंगाल राज्य के दक्षिणी भाग में गंगा नदी के सुंदरवन डेल्टा में स्थित है यह राष्ट्रीय उद्यान बांग्लादेश के सुंदरवन रिजर्व वन क्षेत्र के निकट है तथा बंगाल बाघ के लिए सबसे बड़े भंडार में से एक है कहा जाता है कि सुंदरबन डेल्टा दुनिया का एकमात्र मैंग्रोव वन क्षेत्र है जिसमें बाघ रहते हैं। यह राष्ट्रीय उद्यान विभिन्न प्रकार के पक्षियों , सरीसृपों और अकशेरुकी प्रजातियों का घर है।

सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना सन् 1973 में एक टाइगर रिजर्व के रूप में की गई थी लेकिन 4 मई 1984 को इसे एक राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया अपनी समृद्ध जैव विविधता के और दुनिया में सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व होने के कारण सन् 1987 में सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई इसके प्रश्चात 2001 में यूनेस्को द्वारा इस राष्ट्रीय उद्यान को बायोस्फीयर रिजर्व घोषित किया गया था।

जनवरी 2019 में रामसर कन्वेंशन के तहत सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान को अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व का स्थल घोषित किया गया वर्तमान समय में इस राष्ट्रीय उद्यान का  प्राकृतिक वातावरण और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र ,  अवैज्ञानिक और अत्यधिक मानवीय हस्तक्षेपों के कारण भौतिक आपदा के खतरे में है इसलिए इस अनूठी तटीय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए संरक्षण और प्रबंधन योजना की तत्काल आवश्यकता है 

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास :-

सुंदरबन वन क्षेत्र का इतिहास काफी पुराना माना जाता है कहा जाता है कि मुगलकाल के दौरान सुंदरबन के जंगलों को आसपास के निवासियों बस्तियां बसाने के लिए पट्टे पर दिया गया था , जिन्होंने इस वन क्षेत्र में अपनी बस्तियां बनाई हालांकि 17 वीं शताब्दी में पुर्तगाली और नमक तस्करों द्वारा इन बस्तियों पर हमला किया गया था वर्तमान समय में उनके द्वारा बसाई गई बस्तियां खंडहर बन चुका हैं ब्रिटिश शासन के दौरान 19 वीं शताब्दी में वन अधिनियम ,1865 के तहत 1875 में  इन वन क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को ” आरक्षित वन क्षेत्र ” घोषित किया गया था ब्रिटिश शासन से भारत की स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार द्वारा सन् 1973 में इसे बाघ परियोजना के तहत एक बाघ आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया इसके प्रश्चात सन् 1977 में इस क्षेत्र को एक वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया इसके बाद 4 मई , 1984 भारत सरकार द्वारा इसे एक राष्ट्रीय उद्यान के रूप में मान्यता दी गई । 

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीव :- 

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान क‌ई प्रकार के विलुप्त और लुप्तप्राय वन्यजीवों, पक्षियों एवं समुद्री जीवों के लिए प्रसिद्ध है यह राष्ट्रीय उद्यान कई प्रकार के लुप्तप्राय वन्यजीवों का निवास स्थान है यह राष्ट्रीय उद्यान 400 से अधिक बंगाल बाघों का घर है।  बंगाल टाइगर के अलावा इस राष्ट्रीय उद्यान में मछली पकड़ने वाली बिल्लियाँ , तेंदुआ बिल्लियाँ , मकाक , जंगली सूअर , भारतीय ग्रे नेवला , लोमड़ी , जंगली बिल्ली , उड़ने वाली लोमड़ी , चीतल और सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान में बहुतायत संख्या में पाए जाते हैं।

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले पक्षी :-

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान अनेक प्रकार की सुंदर पक्षियों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र है पूरे भारत में करीब 1300 पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है जिनमें से करीब 428 पक्षियों की प्रजातियां इसी राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाती है इस राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाने वाली पक्षियों में मुख्य रूप से ओपनबिल स्टॉर्क , ब्लैक कैप्ड किंगफिशर , ब्लैक आइबिस , वाटर हीन्स , कूट , परिया पतंग , ब्राह्मण पतंग , धब्बेदार कबूतर , जंगली कोवे , हेरिंग गल , कैस्पियन टन , हरा कबूतर , गुलाबी तोता , फ्लाईकैचर , ग्रे – हेडेड फिश ईगल , सफेद – बेलदार समुदी ईगल , आम किंगफिशर , पेरग्रीन फॉल्कन , व्हिम्ब्रेल्स , ब्लैक – टेल्ड गॉडविट्स , ईस्टर्न नॉट्स , कर्ल , गोल्डन प्लोवर्स , नॉर्थ पिटेल , व्हाइट – आइड पोचर्ड और व्हिसलिंग टील्स शामिल है।

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वनस्पति :-

बांग्लादेश में बंगाल की खाड़ी के मुहाने पर सुंदरबन का तटीय सक्रिय डेल्टा , जलवायु खतरों के साथ एक जटिल भू – आकृति विज्ञान और हाइड्रोलॉजिकल चरित्र वाले , एक अद्वितीय पारिस्थितिक तंत्र में विभित्र प्रकार वनस्पतियों और विविध जीवों के साथ ही मैंग्रोव जंगलों का एक विशाल क्षेत्र है।

इस राष्ट्रीय उद्यान में वनस्पतियो की भी अनेक प्रजातियां पाई जाती है इस राष्ट्रीय उद्यान में विशेष रूप से पाई जाने वाली सुंदरी पेड़ के नाम पर इस उद्यान का नाम सुंदरवन रखा गया है इस क्षेत्र में पाया जाने वाला यह सबसे उत्तम किस्म का वृक्ष है जो एक विशेष प्रकार का मेग्रोव वृक्ष है इसमें न्यूमोटोफोरेस नामक विशेष जड़ें होती हैं जो जमीन से ऊपर निकलती हैं और गैसीय विनिमय में मदद करती हैं।

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले समुद्री जीव :- 

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान अनेक प्रकार के जलीय जानवरों का भी निवास स्थान है इस राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रजातियों के जलीय जीव पाए जाते हैं इस उद्यान में पाए जाने वाले जलीय जीवों में बटर फिश , सिल्वर कार्प , स्टारफिश , कॉमन कार्प फिश , हॉर्सशू केकड़े , झींगा मछली, गगा डॉल्फिन , आम मेंढ़क और पेड़ मेंढ़क शामिल है इस राष्ट्रीय उद्यान में डॉल्फिन की कई प्रजातियां पाई जाती है कुछ समय पहले इस उद्यान में इरावाडी डॉल्फिन की एक नई प्रजाति की खोज की गई इसके अतिरिक्त चीनी सफेद डॉल्फिन  फिनलेस पोरोज़ीज़ , पैसिफिक बॉटलनोज़ डॉल्फिन , स्पिनर डॉल्फ़िन और पेंटोप्लेटेड स्पॉटेड डॉल्फिन भी इस क्षेत्र में पाए जाते हैं।


सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले सरीसृप :- 

सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान में बड़ी संख्या में सरीसृपों की प्रजातियां निवास करती हैं इस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले प्रमुख सरीसृपों में एस्चुअरी मगरमच्छ , गिरगिट , मॉनिटर छिपकली , कछुए , जैतून रिडले , हॉकबिल , हरे रंग के कछुए , अजगर , किंग कोबरा , चूहा साफ , रसेल वाइपर , पाती साप शामिल है।


सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान की लुप्तप्राय प्रजातियां :- 

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान में क‌ई लुप्तप्राय वन्यजीव निवास करते हैं जो वर्तमान समय में विलुप्त होने की कगार पर है इन लुप्तप्राय जीवों में शाही बंगाल टाइगर , खारे पानी के मगरमच्छ , रिवर टेरेपिन , ऑलिव रिडले कछुए , गंगा नदी डॉल्फिन , हॉक्सबेल कछुए और मैन्ग्रोव केकड़े शामिल हैं।


इन्हें भी देखें :-

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