49 Ramsar sites in India in Hindi 2022 । भारत के सभी 49 रामसर स्थल

49 Ramsar sites in India in Hindi 2022 । भारत के सभी 49 रामसर स्थल 

आपका हमारे ब्लॉग में स्वागत है आज हम इस लेख में भारत के रामसर स्थल से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं जैसे कि रामसर संधि क्या है, आर्द्रभूमि क्या है, भारत में आर्द्रभूमि का वर्गीकरण, रामसर स्थल घोषित होने के फायदे हैं आदि सभी महत्त्वपूर्ण जानकारी दी गई है इसके साथ ही हम इस लेख भारत के सभी 49 रामसर स्थलों की सूची उपलब्ध करवा रहेे हैं इसके अलावाा इस लेख में रामसर स्थल से संबंधित पूछेे जान वाले कुछ महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर की जानकारी दी गई है इसलिए इस लेख को ध्यानपूर्वक एवं अंत तक जरूर पढ़े।


49 Ramsar Sites In India in Hindi


रामसर संधि क्या है ( what is Ramsar Treaty ) :-

रामसर ईरान का एक शहर है जहां 2 फरवरी 1971 को आर्द्रभूमि के संरक्षण और उनके प्रबंधन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे इसी संधि या समझौते को रामसर समझौता के नाम से जाना जाता है  इस संधि का उद्देश्य संपूर्ण विश्व के सभी महत्त्वपूर्ण आर्द्रभूमि स्थलों की सुरक्षा करना है यह समझौता 21 दिसंबर 1975 से प्रभाव में आया।

 

आर्द्रभूमि क्या है ( what is wetland ) :- 

पानी में स्थित मौसमी या स्थायी पारिस्थितिक तंत्र जिनमें दलदल , नदियाँ , झीलें , डेल्टा , बाढ़ के मैदान चावल के खेत , समुद्री क्षेत्र , तालाब और जलाशय आदि शामिल होते हैं आद्रभूमि कहलाते हैं

यह जल एवं स्थल के मध्य का संक्रमण क्षेत्र होता है  जैव विविधता की दृष्टि से मातृभूमि एक समृद्ध क्षेत्र होता है जिसका संरक्षण अति आवश्यक है। 

आर्द्रभूमि क्षेत्र पृथ्वी पर सबसे उत्पादक पारिस्थितिक तंत्रों में से एक है जो मानव समाज के लिए कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करता है और मानव समाज के विकास में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है जैसे  सिंचाई के लिए पानी, मत्स्य पालन, पानी की आपूर्ति और जैव विविधता का रखरखाव आदि इसके साथ ही यह क्षेत्र पानी को अवशोषित करके बाढ़ के प्रभाव को भी नियंत्रित करता है एवं पानी के प्रवाह की गति को भी कम करता है।

आर्द्रभूमि के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिवर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है।

2 फरवरी 2021 को विश्व आर्द्रभूमि दिवस की 50 वीं वर्षगांठ मनाई गई वर्ष 2021 के लिए विश्व आर्द्रभूमि का विषय – ‘ आर्द्रभूमि और जल ( Wetlands and Water ) ‘ था।


भारत में आर्द्रभूमि का वर्गीकरण :-

स्थलाकृतिक भिन्नता के आधार भारत में आद्रभूमि को 4 वर्गों में वर्गीकृत किया गया है –

1. हिमालयी आर्द्रभूमि

2. गंगा का मैदानी आर्द्रभूमि

3. रेगिस्तानी आर्द्रभूमि

4. तटीय आर्द्रभूमि

आर्द्रभूमि के संरक्षण और प्रबंधन के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2012-13 में राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण कार्यक्रम शुरू किया था इसके तहत भारत में आर्द्रभूमि के संरक्षण और प्रबंधन के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए।

किसी भी स्थल के रामसर स्थल घोषित होने के फायदे :-

किसी भी स्थल के रामसर साइट घोषित होने के बहुत फायदे हैं क्योंकि अगर किसी भी क्षेत्र को रामसर साइट के रूप में मान्यता दी जाती है तो उस क्षेत्र का रखरखाव  करने एवं उसकी आधारभूत संरचना के विकास लिए प्रकृति संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ ( United Nation for Conservation of Nature ) के द्वारा वित्त पोषण किया जाता है।

अगस्त 2021 में जोड़ी गई भारत की चार नई रामसर स्थल –

14 अगस्त 2021 को रामसर समझौते के तहत भारत की चार नई आर्द्रभूमियों को रामसर साइट यानि वैश्विक महत्त्व की आर्द्रभूमि के रूप में घोषित किया गया ये चार रामसर साइट है –

1.थोल झील वन्यजीव अभ्यारण – गुजरात

थोल झील वन्यजीव अभ्यारण गुजरात के मेहसाणा जिले के रोल गांव में स्थित है यह एक महत्तवपूर्ण पक्षी अभयारण्य है इस अभयारण्य में 320 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है जिनमें से 30 से अधिक संकटग्रस्त पक्षियों की प्रजातियां शामिल है।

2. वाधवाना झील – गुजरात

वाधवाना झील गुजरात के वडोदरा शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूरी पर स्थित वाधवाना गांव में स्थित है यह एक कृत्रिम झील है जिसका निर्माण गुजरात के गायकवाड राजा ने करवाया था यह जय विभिन्न प्रकार के जल पक्षियों एवं प्रवासी पक्षियों का निवास स्थान है यह झील पक्षियों के निवास के लिए प्रसिद्ध है।

3. सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान – हरियाणा

हरियाणा के सुल्तानपुर जिले में स्थित सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान कई प्रकार के प्रवासी पक्षियों एवं विभिन्न वन्य जीवों का निवास स्थान है राष्ट्रीय उद्यान में 220 से अधिक स्थानीय एवं शीतकालीन प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां निवास करती है इसी कारण इस राष्ट्रीय उद्यान को रामसर स्थल के रूप में घोषित किया गया।

4. भिंडावास वन्यजीव अभ्यारण – हरियाणा

भिंडावास पक्षी अभयारण्य अथवा भिंडावास वन्यजीव अभ्यारण हरियाणा के झज्जर जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण पक्षी अभयारण्य है यह हरियाणा राज्य का सबसे बड़ा आद्रभूमि स्थल है  यह अभयारण्य मानव निर्मित मीठे पानी की भूमि है इस पक्षी अभयारण्य में 250 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां निवास करती हैं।


हैदरपुर वैटलैंड को घोषित किया गया भारत 47 वां रामसर साइट –

10 दिसंबर 2021 को उत्तर प्रदेश के पश्चिम में स्थित हैदरपुर वेटलैंड को भारत का 47 वां रामसर साइट घोषित किया गया इसके पूर्व उत्तर प्रदेश में 9 रामसर साइटें थी लेकिन हैदरपुर वेटलैंड को रामसर साइट घोषित करने के बाद उत्तर प्रदेश रामसर साइट की संख्या 10 हो गई है।

अगस्त 2021 में चार न‌ई आर्द्रभूमियो को रामसर साइट घोषित करने के बाद भारत में रामसर साइट की संख्या 46 हो गई थी लेकिन हाल ही में उत्तर प्रदेश के हैदरपुर वेटलैंड को भारत के नये व 47वें रामसर साइट के रूप में मान्यता दी गई इसके पूर्व वर्ष 2020 में लद्दाख के ‘ त्सो कर आर्द्रभूमि क्षेत्र ‘ को भारत के 42वें रामसर साइट के रूप में मान्यता दी गई थी।


भारत के दो और नये रामसर साइट्स :-

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2022 के अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह यादव ने भारत में दो न‌ई रामसर साइट्स की घोषणा की इन्होंने गुजरात राज्य में स्थित ‘ खिजड़िया वन्यजीव अभयारण्य ‘ और उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित ‘ बखिरा वन्यजीव अभयारण्य ‘ को भारत की दो न‌ई रामसर साइट्स के रूप घोषणा की जिसके बाद भारत में कुल 49 रामसर साइट्स हो गई है।


जानिए भारत के सभी राष्ट्रीय उद्यानों के बारे में विस्तार से 

पढ़िए मध्यप्रदेश के सभी 12 राष्ट्रीय उद्यानों के बारे में विस्तार से

भारत के सभी 49 रामसर स्थलो की सूची 2021 ( List of All 49 Ramsar Sites in India in Hindi 2021 )


क्र. सं.

रामसर साइट

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश

घोषित वर्ष

1.

चिल्का झील

ओडिशा

1981

2. 

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान

राजस्थान

1981

3.

लोकटक झील

मणिपुर

1990

4.

वुलर झील

जम्मू-कश्मीर

1990

5.

हरिके झील

पंजाब

1990

6.

सांभर झील

राजस्थान

1990

7.

कंजली झील

पंजाब

2002

8.

रोपड़ आर्द्रभूमि

पंजाब

2002

9.

कोलेरु झील

आंध्र प्रदेश

2002

10

दीपोर बील

असम

2002

11.

पोंग बांध झील

हिमाचल प्रदेश

2002

12.

त्सो मोरीरी झील

लद्दाख

2002

13.

अष्टमुडी झील

केरल

2002

14.

सस्थमकोट्टा झील

केरल

2002

15.

वेम्बनाड-कोल आर्द्रभूमि क्षेत्र

केरल

2002

16.

भोज आर्द्रभूमि

मध्य प्रदेश

2002

17.

भितरकनिका मैंग्रोव

उड़ीसा

2002

18.

प्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य

तमिलनाडु

2002

19.

पूर्व कोलकाता आर्द्रभूमि

पश्चिम बंगाल

2002

20.

चंदेरटल आर्द्रभूमि

हिमाचल प्रदेश

2005

21.

रेणुका आर्द्रभूमि

हिमाचल प्रदेश

2005

22.

होकेरा आर्द्रभूमि

जम्मू और कश्मीर

2005

23.

सुरिंसर और मानसर झील

जम्मू और कश्मीर

2005

24.

रुद्रसागर झील

त्रिपुरा

2005

25.

ऊपरी गंगा नदी

उत्तर प्रदेश

2005

26.

नालसरोवर पक्षी अभयारण्य

गुजरात

2012

27.

सुंदरवन डेल्टा क्षेत्र

पश्चिम बंगाल

2019

28.

नंदुर मध्यमेश्वर

महाराष्ट्र

2019

29.

केशोपुर मिआनी कम्युनिटी रिजर्व

पंजाब

2019

30.

नांगल वन्यजीव अभयारण्य

पंजाब

2019

31.

व्यास संरक्षण रिजर्व

पंजाब

2019

32.

नवाबगंज पक्षी अभयारण्य

उत्तर प्रदेश

2019

33.

साण्डी पक्षी अभयारण्य

उत्तर प्रदेश

2019

34.

समसपुर पक्षी अभयारण्य

उत्तर प्रदेश

2019

35.

समन पक्षी अभयारण्य

उत्तर प्रदेश

2019

36.

पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य

उत्तर प्रदेश

2019

37.

सरसई नावर झील

उत्तर प्रदेश

2019

38.

आसन कंजर्वेशन रिजर्व

उत्तराखंड

2020

39.

काबर ताल झील

बिहार

2020

40.

लोनार झील

महाराष्ट्र

2020

41.

सुर सरोवर झील 

उत्तर प्रदेश

2020

42.

त्सो कर आर्द्रभूमि क्षेत्र

लद्दाख

2020

43.

वाधवाना आर्द्रभूमि क्षेत्र

गुजरात

2021

44.

थोल झील वन्यजीव अभ्यारण्य

गुजरात

2021

45.

सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान 

हरियाणा

2021

46.

भिंड़ावास वन्यजीव अभ्यारण्य

हरियाणा

2021

47.

हैदरपुर वेटलैंड

उत्तर प्रदेश

2021

48.

बखीरा वन्यजीव अभ्यारण

उत्तर प्रदेश

2022

49.

खिजड़िया वन्यजीव अभयारण्य

गुजरात

2022

Also Read :- भारत के सभी 40 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की सूची ( All 40 UNESCO World Heritage Sites in India )

रामसर साइट से संबंधित कुछ पूछे जाने वाले प्रश्न ( FAQ related with Ramsar Sites in India in Hindi ) :- 

1. वर्तमान में भारत में कुल कितनी रामसर साइट्स है ?

उत्तर : 49


2. भारत का 49 वां रामसर साइट कौन सा है ?

उत्तर :- भारत के गुजरात राज्य में स्थित खिजड़िया वन्यजीव अभयारण्य को हाल ही में भारत के 49 वें रामसर साइट के रूप में मान्यता दी गई।

3. रामसर सम्मेलन कब हुआ था ?

उत्तर :- 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर शहर में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया इस सम्मेलन का आयोजन रामसर शहर में होने के कारण इसका नाम रामसर समझौता पड़ा।

4. भारत ने रामसर संधि पर कब हस्ताक्षर किया ?

उत्तर :- भारत ने 1982 में रामसर संधि पर हस्ताक्षर किए।

5. भारत की पहली रामसर साइट कौन सी है ?

उत्तर :- चिल्का झील और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान

उड़ीसा में स्थित चिल्का झील और राजस्थान में स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को अक्टूबर 1981 में एक साथ रामसर साइट के रूप में मान्यता दी गई  इसलिए ये दोनों क्षेत्र भारत की पहली रामसर साइट है।

6. भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल कौन सा है ?

उत्तर : पश्चिम बंगाल में स्थित सुंदरबन डेल्टा क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल है यह आर्द्रभूमि क्षेत्र लगभग 4230 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है तथा इसे वर्ष 2019 में रामसर साइट के रूप में मान्यता गई दी।

7. भारत का सबसे छोटा रामसर स्थल कौन सा है ?

उत्तर :- भारत का सबसे छोटा रामसर साइट हिमाचल प्रदेश में स्थित रेणुका आर्द्रभूमि क्षेत्र है यह क्षेत्र लगभग 0.2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है इसे वर्ष 2005 में रामसर साइट घोषित किया गया था।

8. भारत में सबसे ज्यादा रामसर स्थल किस राज्य में स्थित हैं ?

उत्तर : भारत में सबसे रामसर साइट उत्तरप्रदेश राज्य में है उत्तर प्रदेश के कुल 8 आर्द्रभूमि क्षेत्रों को रामसर साइट्स यानि कि अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व का स्थल घोषित किया गया है।

9. वर्तमान समय में विश्व में कुल कितने रामसर साइट्स हैं ?

उत्तर : अगस्त 2021 तक विश्व में लगभग 2500 रामसर स्थल घोषित किए जा चुके हैं।

10. विश्व का पहला रामसर साइट किसे घोषित किया गया था ?

उत्तर : ऑस्ट्रेलिया में स्थित कोबोर प्रायद्वीप को सन् 1974 में विश्व का पहला रामसर साइट घोषित किया गया था।

11. विश्व में सर्वाधिक रामसर साइट किस देश में है ?

उत्तर :- विश्व की सर्वाधिक रामसर साइट यूनाइटेड किंगडम में है यूनाइटेड किंगडम में कुल 175 रामसर साइट्स है।


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