Bhitarkanika National Park and Wildlife Sanctuary in Odisha in Hindi

All information about Bhitarkanika National Park and Wildlife Sanctuary in Odisha in Hindi ।

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य की संपूर्ण जानकारी


All information about Bhitarkanika National Park and Wildlife Sanctuary of Odisha



भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान कहां स्थित है :-

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य भारत के ओडिशा राज्य के पूर्वोत्तर में केंद्रपाड़ा जिले में 672 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला भारत का एक प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य है यह राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य पूर्व में बंगाल की खाड़ी के साथ ब्राह्मणी-बैतरानी के मुहाने पर स्थित है।
22 अप्रैल 1975 को भितरकनिका के 672 वर्ग किमी के क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य के रूप में घोषित किया गया था। 16 सितंबर 1998 को इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था।

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य भारत के ओडिशा राज्य के पूर्वोत्तर में केंद्रपाड़ा जिले में 672 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला भारत का एक प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य है यह राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य पूर्व में बंगाल की खाड़ी के साथ ब्राह्मणी-बैतरानी के मुहाने पर स्थित है।

22 अप्रैल 1975 को भितरकनिका के 672 वर्ग किमी के क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य के रूप में घोषित किया गया था। 16 सितंबर 1998 को इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था। पहले यह शाही राज कनिका परिवार का शिकारगाह था जो वर्तमान समय में मैंग्रोव पेड़ों की उच्च सांद्रता के लिए प्रसिद्ध है यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा मैंग्रोव वन क्षेत्र है जो यहां की पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह राष्ट्रीय उद्यान अपने समृद्ध जैव विविधता , वनस्पति और वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है इस राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाने वाली खारे पानी की मगरमच्छ इस अभयारण्य का प्रमुख आकर्षण है इस वन्यजीव अभयारण्य में लुप्तप्राय खारे पानी के मगरमच्छ की सबसे बड़ी आबादी पाई जाती है भारत में पाई जाने वाले खारे पानी के मगरमच्छ की लगभग 70% आबादी इसी अभयारण्य में पाई जाती है जिसके कारण इसे एशिया का सबसे सुंदर वन्यजीव क्षेत्र होने का गौरव प्राप्त है।

गहिरमाथा समुद्र तट जो पूर्व में भितरकनिका वन्यजीव अभयारण्य की सीमा बनाता है यहां ओलिव रिडले समुद्री कछुओं की सबसे बड़ी आबादी पाई जाती है इस वन्यजीव अभयारण्य के नदियों और खाड़ियों में लगभग 700 समुद्री मगरमच्छ निवास करते हैं। इसके अतिरिक्त इस अभ्यारण्य में मैंग्रोव वनों से घिरी नदियाँ, असंख्य तिरछी ज्वार-भाटा और जलमग्न खाड़ियाँ शामिल हैं यह अभयारण्य एविफौना, स्तनधारी और सरीसृप के लिए भी समृद्ध है और किंग कोबरा , भारतीय अजगर और एशियाई जल मॉनिटर के लिए एक समृद्ध आवास प्रदान करता है । 

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास :-

इस राष्ट्रीय उद्यान का क्षेत्र प्राचीन समय में कनिका क्षेत्र के शासको के शिकारगाह के रूप में जाना जाता था लेकिन इस वंश क्षेत्र की सुन्दरता और वन्यजीव लोकप्रियता को देखते हुए भारत सरकार ने सन् 1975 में भीतरकनिका के वन क्षेत्र को एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया इसके बाद वर्ष 1998 इस वन्यजीव अभयारण्य के 145 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया।
वर्तमान समय में भीतरकनिका वन्यजीव अभयारण्य 672 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है जिसमें से भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान 145 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। 

इस राष्ट्रीय उद्यान की समृद्धि के कारण 19 अगस्त 2002 को यूनेस्को द्वारा इसे रामसर साइट का दर्जा दिया गया, चिल्का झील के बाद इसे उड़ीसा ‌राज्य के दूसरे रामसर स्थल के रूप में भी नामित किया गया था। 

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीव और पक्षी :-

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान कई प्रजातियों के स्तनधारियों , सरीसृपों , कशेरुकियों का निवास स्थान है इस राष्ट्रीय उद्यान में अनेक प्रकार वन्यजीव निवास करते हैं इस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीवों में मुख्य रूप से चीतल, जंगली बिल्ली, जंगली सूअर, ऊदबिलाव, रीसस बंदर, सांभर, चित्तीदार हिरण, जंगली सूअर शामिल हैं। और मछली पकड़ने वाली बिल्ली। एशियन ओपन बिल, कॉर्मोरेंट्स, डार्टर्स, ब्लैक आइबिस, एग्रेट्स, ओपन बिल स्टॉर्क, सैंड पाइपर्स, सी ईगल्स, व्हिसलिंग टील्स, पतंग और समुद्री गल शामिल इसके अलावा इस उद्यान में पाए जाने वाले सरीसृपों की प्रजातियों में जहरीले कोबरा , भारतीय अजगर, लुप्तप्राय जल मॉनिटर छिपकली और भी अनेक प्रकार के जहरीले सांप शामिल हैं। इसके अलावा इस राष्ट्रीय उद्यान में भारत में पाई जाने वाली लुप्तप्राय खारे पानी के मगरमच्छों की सबसे बड़ी आबादी पाई जाती है जो विश्व स्तर पर अद्वितीय है इनमें से 10% वयस्क मगरमच्छ शामिल है जिनकी लंबाई 6 मीटर से भी अधिक हैं इस उद्यान के नदियों और खाड़ियों में लगभग 1671 खारे पानी के मगरमच्छ निवास करते हैं।

2014 में इस राष्ट्रीय उद्यान के वन्यजीवों का सर्वेक्षण किया गया था इस इस सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार भीतर कनिका राष्ट्रीय उद्यान के वन क्षेत्र में उस समय 1,872 चित्तीदार हिरण, 1,213 जंगली सूअर , 1,522 बंदर , 305 सियार , 39 सामान्य लंगूर , 38 ऊदबिलाव , 17 सांभर हिरण , 11 जंगली बिल्ली , 10 लोमड़ी , 7 नेवले , 7 भेड़िया , 12 मछली पकड़ने वाली बिल्लियाँ की संख्या पाई गई थी।

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीवो के अलावा पक्षियों की 215 प्रजातियां पाई जाती है हैं इनमें से सबसे महत्त्वपूर्ण पक्षियो की प्रजातियों में भारतीय किंगफिशर तथा यूरोप और मध्य एशिया के प्रवासी पक्षी शामिल हैं इस राष्ट्रीय उद्यान में किंगफिशरो की 8 प्रजातियां पाई जाती है प्रत्येक वर्ष सर्दियों के मौसम में विदेशों से करीब 120,000 आगंतुक और भारत के विभिन्न हिस्सों से लगभग 80,000 निवासी पक्षी इस राष्ट्रीय उद्यान में प्रवास के लिए आते हैं।


भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वनस्पति :-

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में कई दुर्लभ वनस्पतियां पाई जाती है इस इस राष्ट्रीय उद्यान का संपूर्ण वन क्षेत्र कई प्रजातियों के पेड़ों , झाड़ियों , घासों और वनस्पतियों से संपन्न है जो यहां रहने वाले वन्यजीवों को आवास प्रदान करते हैं इस राष्ट्रीय उद्यान में मुख्य रूप से कच्छा वनस्पति , सुंदरी पेड़ , वैस्पिया , कासुअरिना जैसे वृक्ष के साथ नील झाड़ी और कई प्रकार के घास पाए जाते हैं  इस उद्यान में मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय अंतःज्वारीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले
मैंग्रोव नमक सहिष्णु , जटिल और गतिशील पारिस्थितिक तंत्र शामिल हैं 

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के उत्तर-पूर्वी भाग में ब्राह्मणी – बैतरनी के मुहाने पर स्थित भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान हरे भरे जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र का एक समृद्ध स्थान है जो पूर्व में बंगाल की खाड़ी और नदियों के बीच भारत का दूसरा सबसे बड़ा मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र है।

इन्हें भी देखें :-

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