National Park in Himachal Pradesh in Hindi । हिमाचल प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान

All National Park in Himachal Pradesh in Hindi ( हिमाचल प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान के बारे में संपूर्ण जानकारी )

1. ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान ( Great Himalayan National Park )

स्थापनावर्ष 1984
क्षैत्रफल1171 वर्ग किलोमीटर
स्थान कुल्लू जिला, हिमाचल प्रदेश

ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना

ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान भारत के मध्य प्रदेश राज्य के कुल्लू जिले में स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है जो अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए संपूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1984 में किया गया था तथा इसे वर्ष 1999 में एक राष्ट्रीय उद्यान के रूप में मान्यता दी है |

यह राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल प्रदेश के कुल्लू घाटी में 1171 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत किस राष्ट्रीय उद्यान को संरक्षित किया गया है इसलिए इस राष्ट्रीय उद्यान में शिकार वर्जित है। वर्ष 2010 में सैंज वन्यजीव अभ्यारण और तीर्थन वन्यजीव अभ्यारण को इस राष्ट्रीय उद्यान के साथ जोड़ दिया गया।

अपनी समृद्ध जैव विविधता के कारण इस राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 2014 में यूनेस्को द्वारा 23 जून 2014 विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। 

यह राष्ट्रीय उद्यान अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए समृद्ध है इस राष्ट्रीय उद्यान में 25 प्रकार के वन एवं 800 प्रकार की पौधों की प्रजातियां पाई जाती है।

ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीव

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू घाटी में स्थित ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान अनेक सुंदर एवं लुप्तप्राय प्रजातियों के वन्यजीवों का निवास स्थल है इस राष्ट्रीय उद्यान में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार यह राष्ट्रीय उद्यान में लगभग 375 अधिक वन्यजीवों की प्रजातियों का घर है जिसने से इस राष्ट्रीय उद्यान में 31 स्तनधारी वर्ग के वन्यजीवो की प्रजातियां, 181 पक्षियों की प्रजातियां 9 उभयचर की प्रजातियां, 3 सरिसृपो की प्रजातियां, 11 एनिलिड्स की प्रजातियां एवं 127 कीड़ों की प्रजातियां शामिल हैं।

इस राष्ट्रीय उद्यान में निवास करने वाले स्तनधारी वर्ग के वन्यजीवों में मुख्य रूप से नीली भेड़, हिम तेंदुआ, कस्तूरी मृग, पश्चिमी ट्रैगौपैन, तीतर, एशियाई काला भालू, स्नो लेपर्ड, ब्लू शीप, हिमायती तहर शामिल हैं इसके साथ ही इस राष्ट्रीय उद्यान में कई दुर्लभ, लुप्तप्राय और संकटग्रस्त वन्यजीवों की प्रजातियां निवास करती है।

2. पिन वैली राष्ट्रीय उद्यान ( Pin Valley National Park )

स्थापनावर्ष 1987
क्षैत्रफल675 वर्ग किलोमीटर
स्थान लाहौल और स्पीति जिला, हिमाचल प्रदेश

पिन वैली राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना

पिन घाटी राष्ट्रीय उद्यान भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के लाहौल और स्पीति जिले में स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है यह हिमाचल प्रदेश के स्पीति घाटी के ठंडे रेगिस्तान में स्थित एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 9 जनवरी 1987 को किया गया था यह राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल प्रदेश के 675 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है लेकिन संपूर्ण बफर जोन को मिलाकर यह उद्यान 1150 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।

 

पिन वैली राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीव और वनस्पति

यह राष्ट्रीय उद्यान अनेक प्रकार के दुर्लभ और लुप्तप्राय वन्यजीवों का निवास स्थल भी है पिन वैली राष्ट्रीय उद्यान को हिम तेंदुओं का घर माना जाता है हिम तेंदुओं के साथ – साथ यह राष्ट्रीय उद्यान कई अन्य लुप्तप्राय जानवरों जैसे साइबेरियन सारस , भारल , रेड फॉक्स और तिब्बती भेड़िया और हिम मुर्ग और भी कई अन्य जानवरों के लिए एक प्राकृतिक आवास स्थल है इसके अलावा इस राष्ट्रीय उद्यान में कई दुर्लभ पक्षी जैसे पिका , हिमालयन स्नोकॉक , गिद्ध , चकोर पार्टिज , स्नो पार्ट्रिज , गोल्डन ईगल , ग्रिफॉन , हिमालयन चाउ , स्नोफिंच आदि पक्षी निवास करते हैं। 

वन्यजीवों के साथ-साथ इस राष्ट्रीय उद्यान में वनस्पतियों की भी समृद्ध विविधता पाई जाती है इस राष्ट्रीय इस राष्ट्रीय राष्ट्रीय उद्यान अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां का तापमान अत्यधिक है जिसके कारण ‌इ से राष्ट्रीय उद्यान में वनस्पति घनत्व विरल है, पिन वैली राष्ट्रीय उद्यान और इसके आसपास के स्थानों में 20 दुर्लभ और लुप्तप्राय औषधीय पौधों की प्रजातियों पाई गई हैं।

3. इन्दरकिल्ला राष्ट्रीय उद्यान ( Inderkilla National Park )

स्थापनावर्ष 2010
क्षैत्रफल104 वर्ग किलोमीटर
स्थान कुल्लू जिला, हिमाचल प्रदेश

इन्दरकिल्ला राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना

हिमाचल प्रदेश राज्य के कुल्लू जिले में स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान 104 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों एवं वनस्पतियों के संरक्षण के उद्देश्य से इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 2010 में किया गया था यह राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में कुल्लू मनाली हवाई अड्डे से 46 किलोमीटर दूर स्थित है इस राष्ट्रीय उद्यान को मुख्य रूप से बाघों के संरक्षण के लिए बनाया गया था समृद्ध जैव विविधता से समृद्ध होने के कारण यह राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है जो कई प्रकार के वन्यजीवों का भी निवास स्थल है।

इंद्रकिल्ला राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीव :- यह राष्ट्रीय उद्यान अनेक प्रकार के दुर्लभ स्तनधारियो एवं पक्षियों का निवास स्थल है किस राष्ट्रीय उद्यान में भूरे और काले भालू, विभिन्न पहाड़ी हिरण, तेंदुआ और बकरियां देखने को मिलता है इसके अतिरिक्त यह राष्ट्रीय उद्यान अनेक प्रकार के दुर्लभ एवं लुप्तप्राय प्रजातियों के पक्षियों के लिए भी एक प्राकृतिक आवास है क्योंकि इस राष्ट्रीय उद्यान में 250 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां दर्ज की गई है।

4. खिरगंगा राष्ट्रीय उद्यान ( Khirganga National Park )

स्थापनावर्ष 2010
क्षैत्रफल710 वर्ग किलोमीटर
स्थान कुल्लू जिला, हिमाचल प्रदेश

यह राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल प्रदेश राज्य के कुल्लू जिले में खीरगंगा पर्वत घाटी में खीरगंगा गांव के निकट समुद्र तल से लगभग 5500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है इस राष्ट्रीय उद्यान का नाम इसी गांव के नाम पर रखा गया है इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 2010 में किया गया था |

खीरगंगा की पर्वत घाटी में स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान लगभग 710 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है इस राष्ट्रीय उद्यान में बनस्पति एवं जीवो के समृद्ध विविधता पाया जाता है खीरगंगा राष्ट्रीय उद्यान उत्तर में ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान के साथ अपनी सीमा को साझा करता है |

शुरुआत में इस राष्ट्रीय उद्यान को ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान के साथ मिला दिया गया था लेकिन कुछ रखरखाव के कारण इस राष्ट्रीय उद्यान को अलग रख दिया गया वर्तमान समय में यह राष्ट्रीय योगदान प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध है जो वर्तमान समय में हिमाचल प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है।

खीरगंगा राष्ट्रीय उद्यान मुख्य रूप से जंगली भालू के लिए एक प्राकृतिक आवास स्थल है जंगली भालू यहा आसानी से देखने को मिलता है इस राष्ट्रीय उद्यान में कुछ खास वन्यजीव नहीं पाया जाता है क्योंकि सर्दियों के मौसम में या राष्ट्रीय उद्यान पूरा वर्ष से ढका रहता है जबकि गर्मियों के मौसम में इस राष्ट्रीय उद्यान का बसावट अस्थयी होता है।

5. सिम्बलबारा राष्ट्रीय उद्यान ( Simbalbara National Park )

स्थापनावर्ष 2010
क्षैत्रफल27.88 वर्ग किलोमीटर
स्थान सिरमौर जिला, हिमाचल प्रदेश

सिम्बलबारा राष्ट्रीय उद्यान अथवा सिम्बलबाड़ा राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा घाटी में स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है जो हिमाचल प्रदेश राज्य के प्रसिद्ध और आकर्षक पर्यटन स्थलों में से एक है ।

सन् 1958 में स्थापित इस राष्ट्रीय उद्यान को 1974 में एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में घोषित किया गया था जिसका कुल क्षेत्रफल 19.03 वर्ग किलोमीटर था लेकिन वर्ष 2010 में इसके साथ 8.88 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को जोड़ा गया और इसे एक राष्ट्रीय उद्यान के रूप में घोषित किया गया वर्तमान समय में यह राष्ट्रीय उद्यान 27.88 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।

सिंबलबारा राष्ट्रीय उद्यान अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है यह राष्ट्रीय उद्यान विभिन्न दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों के वन्यजीवों एवं पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।

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