कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान । Kanchenjunga National Park in Hindi

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान ।  Kanchenjunga National Park in Hindi

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और बायोस्फीयर रिजर्व है जो भारत के सिक्किम राज्य में स्थित है यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है यह राष्ट्रीय उद्यान भारत के साथ-साथ संपूर्ण विश्वभर में प्रसिद्ध है क्योंकि इस राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 2016 में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था तथा यह भारत का पहला ऐसा मिश्रित स्थल है जिसे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित किया गया इस राष्ट्रीय उद्यान का नाम सिक्किम राज्य के कंचनजंगा पर्वत के वैकल्पिक नाम खांगचेंदज़ोंगा के नाम पर रखा गया है आज हम आपको इस आर्टिकल में कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर रहे हैं यदि आप भी कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान के बारे में जानने के लिए इच्छुक है तो हमारे इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।


कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना :- 

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1977 में की गई थी इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के समय इसका क्षेत्रफल 850 वर्ग किलोमीटर था लेकिन बाद में इसे 1784 वर्ग किलोमीटर तक बढ़ाया गया था दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा के नाम पर इस राष्ट्रीय उद्यान का नाम रखा गया। यह राष्ट्रीय उद्यान उत्तर में तिब्बत के कोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण और पश्चिम में नेपाल के कंचनजंगा संरक्षण क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।


कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास :- 

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान के इतिहास के बारे में बात करें तो इस राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास कोई बहुत पुराना नहीं है क्योंकि भारत के सिक्किम राज्य में स्थित कंचनजंगा पर्वत श्रेणी के अंतर्गत 850 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र के दायरे में वर्ष 1977 में इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष की गई जो वर्तमान में भारत के सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है।


कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीव :- 

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान में अनेकों प्रकार की वन्यजीवों की प्रजातियां पाई जाती है जिसमें से इस राष्ट्रीय उद्यान में क‌ई लुप्तप्राय वन्यजीवो की प्रजातियां भी शामिल है इस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले वन्यजीवों में मुख्य रूप से कस्तूरी मृग, भारतीय तेंदुआ, हिम तेंदुआ , ढोल , सुस्त भालू , हिमालयी काला भालू , तिब्बती जंगली गधा, लाल पांडा, हिमालयी नीली भेड़ , गोरिल्ला और बंदर सहित कई स्तनपायी वन्यजीवों की प्रजातियों का निवास स्थल है इसके साथ ही इस राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के जहरीले सरीसृपों की प्रजातियां भी निवास करती है।


कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले पक्षी :- 

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान में अनेकों प्रकार के पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है इस राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों की लगभग 550 प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें तीतर , व्यंग्य ट्रैगोपन , हिमालयन ग्रिफॉन , पश्चिमी ट्रैगोपन , जंगली कुत्ता, हरा कबूतर , हिमालयी कबूतर, तिब्बती स्नोकॉक , एशियाई पन्ना कोयल , बाज, तोता, मोर आदि पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है वर्ष 2016 में हिमालयन फॉरेस्ट थ्रश नामक पक्षी की एक नई प्रजाति देेेखी गई जो एक दुर्लभ पक्षी है क्योंकि यह पक्षी दुनिया में बहुत ही कम संख्या में उपलब्ध है।


कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाने वाली वनस्पति :-

इस राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के औषधीय वनस्पति पौधे और जड़ी बूटियों की प्रजातियां पाई जाती है इस राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाने वाली वनस्पतियों में समशीतोष्ण चौड़ी पत्ती के मिश्रित वन शामिल हैं जिनमें ओक , देवदार , सन्टी , मेपल , विलो आदि वनस्पतियों की प्रजातियां शामिल हैं।


FAQ Related to Kanchenjunga National Park Sikkim ( कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान से संबंधित कुछ पूछे जाने वाले सवाल )

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान कहां स्थित है ?

उत्तर :- कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान भारत के सिक्किम राज्य में स्थित है यह भारत का प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और बायोस्फीयर रिजर्व है जिसे वर्ष 1977 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में घोषित किया गया था।

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान का दूसरा नाम क्या है ?

उत्तर :- दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा पर्वत पर स्थित होने के कारण इस राष्ट्रीय उद्यान को खांगचेंदज़ोंगा राष्ट्रीय उद्यान के रूप में भी जाना जाता है।

कंचनजंगा को किस वर्ष विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित किया गया ?

उत्तर :- वर्ष 2016 में कंचनजंगा के संपूर्ण क्षेत्र को विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित किया गया था जिसके अंतर्गत कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान भी शामिल था कहा जाता है कि कंचनजंगा भारत का एकमात्र मिश्रित स्थल है जिसे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया गया।

इन्हें भी देखें :-

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